पूरनपुर। करोड़ों खर्च करने के बाद भी पूरनपुर रोडवेज बस अड्डा शोपीस बना है। सुविधाओं के नाम पर सिर्फ एक कर्मचारी को तैनात किया गया। खास बात यह है कि बस अड्डे पर जाने के बजाय रोडवेज बसें नगर के चौराहों से होकर गुजर जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक क्षेत्र का बड़ा दायरा होने से रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही रहती है।
असम हाईवे पर नगर से करीब ढाई किलोमीटर दूर गांव चांटफिरोजपुर के समीप रोडवेज बस अड्डे का निर्माण जनवरी 2016 में शुरू हुआ था। 18 जुलाई 2021 को पूर्व सांसद वरुण गांधी ने इसका शुभारंभ कराया। लोगों ने सोचा कि नगर से बाहर आवागमन में सुविधाएं बढ़ जाएंगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
बस अड्डे पर सिर्फ एक कर्मचारी को तैनात किया गया। बसों की सुविधा भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पूरनपुर से निकलने वालीं अधिकांश बसें अड्डे पर न जाकर सामने से फर्राटा भरती निकल जाती हैं। अधिकांश बसें असम हाईवे के खुटार, बंडा चौराहे पर सवारियों को उतारने और बैठाने के लिए कुछ देर रुककर रवाना हो जाती हैं। कुछ बसें नगर के स्टेशन चौराहा से और कुछ माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग से रवाना होती हैं।
खुले आसमान के नीचे करते हैं बसों का इंतजार
नगर से दूसरे शहरों को आवागमन करने वालों को असम हाईवे के खुटार और बंडा चौराहे पर खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इन स्थानों से बसें कब और कहां के लिए रवाना होंगी, इसकी जानकारी भी लोगों को नहीं होती। इसके अलावा इन दोनों चौराहों से काफी संख्या में डग्गामार वाहनों का भी संचालन होता है।
नगर के अंदर होकर नहीं निकलतीं लंबी दूरी की बसें
पूरनपुर से बरेली, दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा, मथुरा सहित कई शहरों को आवागमन करने वाली बसें निकलती हैं। लंबी दूरी को जाने वालीं अधिकांश बसें जाम के चलते नगर के भीतर नहीं जातीं।
बसों का संचालन डिपो से ही कराया जा रहा है। अगर बसें डिपाे पर नहीं जा रहीं है, तो इसकी जानकारी कराई जाएगी। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम पीलीभीत