बिलसंडा के हनुमान मंदिर पर कथा सुनाते कथा व्यास। संवाद
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बिलसंडा। नगर के हनुमान मंदिर पर हो रही श्रीराम कथा में कथा व्यास ने शुक्रवार को प्रभु श्रीराम की बाल लीला, मातृ-पितृ भक्ति, विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण का वन गमन प्रसंग सुनाया। अहिल्या उद्धार, गंगा की महिमा, जनकपुर भ्रमण की कथा भी सुनाई।
कथा व्यास अंबरीष तिवारी ने प्रवचन करते हुए प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों के दिव्य जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। प्रसंग में भगवान शंकर ने मां पार्वती से कहा कि प्रभु श्री राम के बाल रूप का दर्शन करने के लिए वे स्वयं वृद्ध ब्राह्मण का रूप धारण कर और उनका शिष्य बनकर अयोध्या पहुंचे थे। भगवान की नजर उतारने के बहाने उनके शिशु रूप में दर्शन किए थे। चारों भाई महल से बाहर बच्चों के साथ दिनभर खेलते हैं। दशरथ जी ज्ञान के और कौशल्या भक्ति की प्रतीक हैं। जीवन का सूत्र है कि भक्ति की कृपा से ही भगवान ज्ञान की गोद में आ सकते हैं।