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Pilibhit News: डेंगू वार्ड तो बनाए पर कहीं मच्छरदानी तो कहीं बेड नहीं

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पूरनपुर के सीएचसी कें डेंगू वार्ड में एक बेड पर रखे गददें ।संवाद
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पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग भले ही डेंगू और मलेरिया को लेकर पहले से तैयारी का दावा कर रहा हो पर धरातल पर जिले की विभिन्न सीएचसी में स्थिति इससे अलग है। सीएचसी में बनाए गए डेंगू वार्ड में कहीं बेड तो कहीं मच्छरदानी नहीं हैं। पूरनपुर सीएचसी में तो डेंगू वार्ड सिर्फ कागजों तक सीमित है।
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जिले में कुल नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सभी सीएचसी में करीब छह बेड का डेंगू वार्ड तैयार किए जाने का दावा किया जा रहा है। अगर बात जिला अस्पताल की जाए तो यहां 10 बेड का डेंगू वार्ड तैयार किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के प्रभाव को कम करने के लिए अग्रिम तैयारी के रूप में एक जुलाई से संचारी रोग माह भी शुरू किया जा रहा है।
बता दें कि हर साल डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आठ से नौ लाख रुपये का बजट मिलता है। इसका उपयोग वार्डों में बेड की संख्या बढ़ाने, मच्छरदानी, दवाइयों पर किया जाता है।
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पूरनपुर : डेंगू वार्ड के नाम पर कक्ष के गेट पर चिपकी है सिर्फ पर्ची

पूरनपुर सीएचसी में डेेंगू वार्ड के नाम पर एक कक्ष के गेट पर सिर्फ डेंगू वार्ड की पर्ची चस्पा की गई है। वार्ड के अंदर कोई व्यवस्था नहीं है। एक बेड पर गद्दों का ढेर लगा है तो कई कुर्सियां पड़ी हैं।



बीसलपुर और बिलसंडा में तैयार हैं डेंगू वार्ड
बीसलपुर और बिलसंडा की सीएचसी में डेंगू पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड बना दिए गए हैं। इन वार्डों में मरीजों के लिए छह-छह बेड डलवाए गए हैं। मच्छरदानी की भी व्यवस्था है।

अमरिया में बेड तो हैं पर मच्छरदानी नहीं
तहसील क्षेत्र अमरिया की सीएचसी में वार्ड तो बनाकर तैयार है, लेकिन अब तक मच्छरदानी की कोई व्यवस्था नहीं है।


मझोला के वैलनेंस सेंटर में भी कोई इंतजाम नहीं
नगर पंचायत मझोला में एक वेलनेस केंद्र है। इस वेलनेस केंद्र में डेंगू के मरीजाें के उपचार के लिए फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां पर स्वास्थ्य कर्मी भी तैनात नहीं हैं।

सभी सीएचसी में छह बेड का वार्ड तैयार किया गया है। पूरनपुर को लेकर दिखवाया जाएगा। अभी तक कोई डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। आखिरी बार जिले में फरवरी माह में एक मरीज आया था।
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-डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
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