धरना स्थल पर संगठन के जिला प्रभारी यूसुफ मलिक ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। इसके बाद भी वह उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों के नष्ट होने से किसान तबाह हो गए लेकिन सरकारें मुआवजे के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभा रही हैं। जिलाध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह ने कहा कि बर्बाद किसानों का ऋण माफ किया जाना चाहिए। साथ ही जिन किसानों का ऋण माफ नहीं हो सकता उन्हें ब्याज से मुक्त किया जाना चाहिए।
धरने के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन भेजा। कार्यक्रम में वेद प्रकाश, फूलचंद्र आचार्य, रामदीन, डॉ. तेजराम गंगवार, महेंद्र गंगवार, रईसउद्दीन बजाज, मोहम्मद आशिक हुसैन, शाकिर हुसैन अंसारी, मोहम्मद फयाज, लियाकत हुसैन, अशफाक हुसैन, रियासउद्दीन अंसारी, छोटे शाह, मस्सा सिंह, गुल्लू पहलवान आदि किसान मौजूद रहे।
ये रहीं प्रमुख मांगें
इसमें ऋण माफ करने के अलावा प्रभावित किसानों को अपने बच्चों की शिक्षा के लिए ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था कराने, गन्ना किसानों का भुगतान कराने, खरीफ की फसल के लिए खाद बीज की पर्याप्त व्यवस्था कराने और बंद हो चुकी मझोला मिल को चालू कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं।