ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय में दिया धरना, एसडीएम व सीओ के आश्वासन पर माने
पीलीभीत। न्यूरिया थाना क्षेत्र के ग्राम मरौरी के ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाते हुए सोमवार को डीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। कुछ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से भी मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की।
सोमवार ग्राम मरौरी के ग्रामीण कलक्ट्रेट डीएम कार्यालय पहुंचे और वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। ग्रामीणों के अनुसार तीन मार्च 2026 को होली के दिन गांव के 10 से 12 वर्ष के बच्चे जंगल के बाहर से होलिका दहन के लिए सूखी लकड़ियां इकट्ठा कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान वन दरोगा सुमित कुमार और फॉरेस्ट गार्ड सचिन अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों को पकड़ लिया। बच्चों के रोने पर जब महिलाएं और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को छोड़ने की मांग की, तो वन कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की।
ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ अभद्रता और कपड़े फाड़ने तक के आरोप लगाए। ग्रामीण ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि वन कर्मियों ने उनका मोबाइल फोन और तीन हजार रुपये भी छीन लिए। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उल्टा उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। धरना प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह और सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। धरने में लालाराम, ओमप्रकाश, मेवाराम, अशोक कुमार, बंटी, रूपलाल, इमरता और नितिन समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।
चार थानों की फोर्स रही तैनात
धरना-प्रदर्शन की सूचना पर कलक्ट्रेट परिसर में चार थानों की पुलिस को तैनात किया गया। कोतवाली, सुनगढ़ी, महिला थाना और न्यूरिया पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। संवाद