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गलत लोकतंत्र सेनानियों की डीएम ने तलब की पत्रावली

Fri, 10 Mar 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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जिले में संगीन अपराधों में लिप्त कई लोगों को तत्कालीन प्रशासन की ओर से आननफानन में भेजी गई रिपोर्ट के आधार के लोकतंत्र सेनानी घोषित कर उन्हें पेंशन देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच के लिए पूरी पत्रावली तलब की है। उधर लोकतंत्र सेनानी संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक शम्शा ने भी प्रशासन से मामले की सही जांच करा गलत लोगों की पेंशन बंद करने की मांग की है। बताते चलें कि जिले के घोषित लोकतंत्र सेनानियों में कई नाम ऐसे भी शामिल हैं जो कभी गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे थे तो कुछ पर जमाखोरी का मुकदमा चल चुका है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो आननफानन में प्रशासन ने खुफिया विभाग से जांच कराई। प्रथम दृष्ट्या अपात्र पाए गए पांच लोगों की एडीएम ने पेंशन भी रोके जाने की बात बुधवार कही। एडीएम अजयकांत सैनी ने यह भी कहा कि मामले की गहनता से पड़ताल के लिए उन अभिलेखों की भी पड़ताल की जा रही है जिनके आधार पर तत्कालीन प्रशासन ने इन्हें लोकतंत्र सेनानी घोषित किया था। अमर उजाला में इसके खुलासे की खबर की गुरुवार पूरे जिले में चर्चा रही। जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि लोकतंत्र सेनानियों से जुड़े मामलों की पूरी पत्रावली उन्होंने पड़ताल के लिए तलब की है। उन्होंने बताया कि मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
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यह सही है कि जिले में कई लोग गलत ढंग से लोकतंत्र सेनानी घोषित कर दिए गए हैं। गलत लोकतंत्र सेनानियों के साथ बैठने में सच्चे लोकतंत्र सेनानी अपने को अपमानित महसूस करते हैं। दो साल पहले भी संगठन की ओर से गलत लोकतंत्र सेनानियों को अपात्र घोषित कर उनकी पेंशन रोकने की मांग प्रशासन से की गई थी, लेकिन तत्कालीन डीएम ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अमर उजाला ने इस अहम मुद्दे को उठा सच्चे लोकतंत्र प्रहरी होने का अहसास कराया है। संगठन ने डीएम से भी इस मामले में निष्पक्ष जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
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अशोक शम्शा, जिलाध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी
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