डीएम संजय कुमार सिंह को ज्ञापन देते व्यापारी । स्रोत - व्यापारी
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने आयकर अधिनियम में किए गए संशोधन को वापस कराए जाने की मांग की है। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर मंडल के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता की अगुवाई में पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एमएसएमई लघु एवं सूक्ष्म निकायों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए आयकर अधिनियम 43 बी में संशोधन करते हुए उसकी 43बी (एच) के द्वारा एमएसएमई से जुड़ी इकाइयों को अधिकतम 15 दिनों के भीतर भुगतान करने की व्यवस्था अनिवार्य की है। इसका पालन कर पाना संभव नहीं है।
एमएसएमई से जुड़ी जो सूक्ष्म इकाइयां हैं, उनको अपने माल का विक्रय करने के लिए बड़ी-बड़ी इकाइयों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। माल को बेचने के लिए व्यापारियों को अतिरिक्त सुविधाएं मुहिया करनी पड़ती हैं। इसमें समयावधि की सीमा के साथ-साथ माल वापसी तक का अनुबंध करना पड़ता है। समयावधि 15 दिन एवं अनुबंध होने की स्थिति में 45 दिनों में भुगतान में पूर्ण न होने पर वर्ष के अंत में जो राशि देय रह जाएगी, वह उस वित्तीय वर्ष के आय में जोड़कर आयकर की गणना की की जाएगी।
इससे व्यापारियों को अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा। व्यापारियों ने समस्या को देखते हुए इसे वापस करवाने की मांग की है। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष राघवेंद्र नाथ मिश्रा, जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता, जिला महामंत्री स्वतंत्र देवल, जिला उपाध्यक्ष डालचंद सक्सेना, जिला कोषाध्यक्ष संजीव शर्मा, नगर अध्यक्ष रवि शर्मा, नगर महामंत्री हरिपाल यादव, नगर उपाध्यक्ष महेश पाठक और नगर अध्यक्ष युवा पंकज अग्रवाल मौजूद रहे।