अकाल एकेडमी गोमती पुल के प्रबंधक जसवंत सिंह ने बताया कि समारोह 22 नवंबर से शुरू हुआ था, जिसमें अखंड पाठ की लड़ी चलती रही। बुधवार को भोग के बाद इसका समापन हो गया। इस दौरान दीवान भी सजाया गया। इसमें पंजाब से आए राजविंदर सिंह, रुपड़ के कथावाचक राजविंदर सिंह आदि ने गुरु गोविंद सिंह जी और चालीस मुक्तियों के इतिहास के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजाब के खतराना मेें युद्ध के दौरान चालीस मुक्ति शहीद हो गए थे। समारोह में गुरु के बताए गए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया। समारोह में मंहगापुर के बाबा गुरनाम सिंह, अमरिया के बाबा मोहन सिंह, नानकपुरी वाले बाबा चंदन सिंह, मोहनपुर के बाबा अजायब सिंह, जसवंत सिंह, श्रीकांत सिंह, सुखदेव सिंह छीना, कश्मीर सिंह, सज्जन सिंह, डॉ. जोगेंद्र सिंह, साधू सिंह, कश्मीर सिंह आदि प्रमुख लोगों सहित क्षेत्र की संगत ने भारी संख्या में भाग लिया। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर चला। इसमें तमाम लोगों ने भोज और नाश्ता किया।