कस्बे में डायरिया रोग थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को देर शाम एक वृद्ध की डायरिया से मौत हो गई। इसी के साथ यहां डायरिया से मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 200 लोगों को ओआरएस के पैकेट बांटे और 75 लोगों के खून के सैंपल लिए।
कस्बे के कई घरों में पिछले एक सप्ताह से डायरिया फैला हुआ है। 24 लोग डायरिया से पीड़ित हैं। तीन दिन पूर्व डायरिया पीड़ित 65 वर्षीय इतवारी बख्श की रविवार को देर शाम मौत हो गई। इससे पहले बाबूराम वाल्मीकि के छह वर्षीय पुत्र की भी डायरिया से शनिवार को मौत हो चुकी है। इस प्रकार कस्बे में डायरिया से मरने वालों की संख्या दो हो गई है। जबकि कई लोग पीड़ित चल रहे हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बे में पहुंचकर डायरिया पीड़ितों का उपचार किया। टीम ने 200 लोगों को ओआरएस के पैकेट बांटे और 75 लोगों के खून के सैंपल लिए।
बिलसंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. श्रीराम ने बताया कि डायरिया पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया गया है। टीम में लैब टेक्नीशियन मनोज यादव, एनएमए अवधेश और कालीचरन शामिल थे।