पीलीभीत। दशहरा के मौके पर शहर के रामलीला मेले में बुधवार को अहिरावण और रावण वध की लीला का मंचन किया गया। रावण का वध होने के बाद मैदान में खड़े रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। दर्शकों ने श्रीराम के जयकारे लगाए। लीला का मंचन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने श्रीराम की आरती की।
मेला मैदान में दशहरा को लेकर दोपहर से ही लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। शाम पांच बजे शुरू हुई लीला मंचन में दिखाया गया कि मेघनाद की मृत्यु के बाद रावण असहाय महसूस करता है और पाताल के राजा अहिरावण को भेजता है। अहिरावण मायावी शक्ति से श्रीराम और लक्ष्मण का अपहरण कर पाताल में ले आता है। हनुमान जी अहिरावण का वध करके श्रीराम और लक्ष्मण को बंधन मुक्त कर ले आते हैं। इसके बाद रावण अपने बेटे अतिकाय, नारांतक और देवांतक को युद्ध में भेजता है। मगर वे भी मारे जाते है। इस पर रावण खुद युद्ध की कमान संभालता है। श्रीराम व रावण में भयंकर युद्ध होता है। जब बहुत देर तक रावण हार नहीं मानता, तो श्रीराम विभीषण से वजह पूछते हैं। इस पर विभीषण रावण की नाभि में अमृत होने और वहां तीर मारने को कहते है। इसके बाद श्रीराम के हाथों रावण का वध हो जाता है। रावण का वध होते ही मेला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है।
यहां लीला मंचन के बाद पुतलों का दहन किया गया। इससे पहले आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन किया गया और रावण के दस सिर के प्रतीक गुब्बारे छोड़े गए। मेले में राम इंटर कॉलेज और ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के स्काउट गाइड कैंप लगाकर व्यवस्थाओं को संभाला।
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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किया रूट डायवर्ट
रामलीला मैदान की ओर जाने वाली सड़क पर शहर में डिग्री कॉलेज चौराहा से और असम हाईवे के रामलीला मोड़ पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। कई स्थानों पर फोर्स को तैनात किया गया। सुनगढ़ी इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी और गजरौला इंस्पेक्टर आशुतोष पंत फोर्स के साथ मुस्तैदी से मेले की सुरक्षा ड्यूटी में लगे रहे। सीओ सिटी सुनील दत्त भी लगातार भ्रमणशील रहे।
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बीसलपुर में मेघनाद और कुंभकरण वध की लीला का मंचन
बीसलपुर। रामलीला मेले में बुधवार को कुंभकरण वध और मेघनाद वध की लीला का मंचन हुआ।
बुधवार को शाम चार बजे लीला शुरू हुई। रामादल से युद्ध करने के लिए रावण के निर्देश पर रावण दल के लोग गहरी नींद में सो रहे कुंभकरण को जगाते हैं। ढोल नगाड़ों की आवाज सुनकर कुंभकरण बमुश्किल नींद से जागता है। उसके बाद वह रावण के पास जाता है। रावण उसे रामादल से युद्ध करने को कहता है। कुंभकरण पहले तो पूरे मामले की जानकारी करने के बाद रावण को सलाह देता है कि वह सीता जी को ससम्मान श्रीराम को वापस कर दे। श्रीराम से युद्ध करने का निर्णय त्याग दे। बाद में रावण के क्रोध को देखते हुए कुंभकरण बेमन से रामादल से युद्ध करने को तैयार होता है।
कई घंटे की लड़ाई के बाद कुंभकरण भगवान राम के हाथों मारा जाता है। उसके बाद रावण अपने ज्येष्ठ पुत्र मेघनाद को युद्ध स्थल पर भेजता है। भयंकर युद्ध के बाद मेघनाद लक्ष्मण के हाथों मारा जाता है। अपने पति की मृत्यु होने की सूचना मिलने पर मेघनाद की पत्नी सुलोचना रामादल में आकर भगवान राम से अपने पति का पार्थिव शरीर मांगने आती हैं। भगवान राम के आदेश पर रामादल के लोग सुलोचना को उनके पति का पार्थिव शरीर दे देते हैं। सुलोचना अंतिम संस्कार करने के लिए अपने पति का पार्थिव शरीर लेकर लंका चली जाती हैं। कुंभकरण और मेघनाद के मारे जाने की सूचना से रावण काफी व्यथित हो जाता है। रावण अगले दिन स्वयं युद्ध करने का एलान करता है। मेला मैदान में मेघनाद वध के बाद मेघनाद का पुतला फूंका गया। लीला का संचालन अवधेश भट्ट, मनोज त्रिपाठी और उपेंद्र शंखधार ने रामायण की चौपाइयां, दोहे पढ़कर किया। मंचन गोपाल कृष्ण अग्रवाल के निर्देशन में हुआ।
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रावण वध की लीला में एक लाख की भीड़ जुटने के आसार
बीसलपुर। रामलीला मेले में बृहस्पतिवार को होने वाली रावण वध की लीला के मंचन के दौरान लगभग एक लाख की भीड़ जुटने के आसार हैं। मेला कमेटी और पुलिस ने सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
मेला कमेटी के लीला प्रबंधक गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को शाम चार बजे रावण वध की लीला होगी। रावण वध की लीला के बाद रावण का विशालकाय पुतला जलाया जाएगा। इधर मेला पुलिस कैंप के प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि रावण वध लीला के दिन जिले के सभी थानों और पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जाएगा। संवाद
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पालिका प्रशासन ने उपलब्ध कराईं सुविधाएं
बीसलपुर। पालिका प्रशासन ने रामलीला मेले के सिलसिले में मानक के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं, जिससे श्रद्धालुओं और दुकानदारों ने काफी राहत महसूस की है। नगरपालिका के जलकल/प्रकाश अधीक्षक आलिम खां ने बताया कि मेला जाने वाले सभी मार्गों पर पथ प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करा दी गई है। छह अक्तूबर को होने वाली रावण वध लीला के समय मेला परिसर में पालिका का वाटर टैंक उपलब्ध रहेगा। संवाद
लीला मंचन के दौरान रावण के पुतले पर तीर चलाते श्रीराम। संवाद- फोटो : PILIBHIT