कड़ाई नहीं होने पर मनमानी जारी, फर्राटा भर रहे पिकअप, ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य मालवाहक वाहन
पीलीभीत। जिले में मालवाहक वाहनों (पिकअप, ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य) से सवारियों को खतरनाक सफर कराया जा रहा है। उधर, निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग कर कमाई का खेल भी खुलेआम चल रहा है। विभाग द्वारा कड़ाई न किए जाने से एक तरफ जहां हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, दूसरी ओर राजस्व का भी चूना लग रहा है। इन मनमानियों से निपटने के लिए विभाग ने इन वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
जिले में पंजीकृत व्यावसायिक (काॅमर्शियल) वाहनों की संख्या एक हजार से अधिक है। इनमें सवारी वाहन, मालवाहक वाहन शामिल हैं। वहीं, निजी कार व अन्य वाहनों की संख्या 50 हजार से अधिक है। जिले में मालवाहक वाहनों से सवारी और निजी वाहनों का व्यावसायिक गतिविधियों में धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। शहर के असम चौराहे से पिकअप व अन्य मालवाहक वाहन सवारियों को बैठाते नजर आते हैं। यह नजारा शाम छह बजे के बाद अधिक दिखता है। डीसीएम चालक भी सवारियों को बैठाकर फर्राटा भरते हैं। शाम रोडवेज व अन्य वाहन न मिलने पर यह मालवाहक वाहन छतरी चौराहे और नौगवां चौराहे से आगे यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते दिखते हैं। पिकअप में 10 से अधिक सवारियों को बैठाया जाता है।
बुकिंग ले रहे निजी वाहन चालक
उधर, जिले में निजी कारों और अन्य वाहनों का व्यावसायिक उपयोग भी खुलेआम हो रहा है। शहर, पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा आदि कस्बों में निजी वाहन स्वामी व चालक नियमों की अनदेखी कर बुकिंग ले रहे हैं। परिवहन विभाग के राजस्व को चूना लगाकर खुद की कमाई की जा रही है। कई वाहन स्वामियों ने तो ट्रांसपोर्ट कार्यालयों के पास अपनी गाड़ी लगा रखी है। यहीं से उन्हें बुकिंग मिल जाती है।
परिवहन मेला 20 व 21 को, राहत देने का भी प्रयास
निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग व काॅमर्शियल वाहनों को सालाना व तिमाही टैक्स जमा करने में राहत देने के लिए परिवहन विभाग की ओर से 20 व 21 फरवरी को परिवहन मेला लगाया जा रहा है। इसमें 7500 किलोग्राम से अधिक भार के वाहनों को एकमुश्त कर जमा करने की योजना के बारे में बताया जाएगा। साथ ही कर जमा कराकर उन्हें राहत भी दी जाएगी। इस भार श्रेणी में सभी सवारी वाहन (मैजिक, ईको व अन्य) आ जाएंगे। बड़े वाहनों को भी इस योजना से राहत मिलेगी। साथ ही निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग वाले वाहन स्वामियों को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें जागरूक कर वाहनों का काॅमर्शियल में पंजीकरण कराया जाएगा। संवाद
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मालवाहक वाहनों में सवारी मिलने पर वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह अभियान लगातार चल रहा है। निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग मिलने पर भी कार्रवाई की जा रही है।- वीरेंद्र कुमार सिंह, एआरटीओ