पीलीभीत। शहर के नौगवां चौराहे से डग्गामार वाहनों का संचालन न थमने से रोडवेज डिपो के चालक-परिचालकों में रोष बढ़ता जा रहा है। करीब 10 दिन पहलेे कर्मचारियों ने कुछ वैन पकड़कर बस अड्डे में खड़ी की थीं। बृहस्पतिवार को कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने चालक-परिचालकों के संग डग्गामारी के खिलाफ जुलूस निकाला। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा है।
रोडवेज बस अड्डा परिसर में जगह कम होने से अधिकांश बसों का संचालन बस अड्डे से करीब पांच सौ मीटर दूर नौगवां चौराहे से होता है। बरेली और अन्य स्थानों को जाने वाले वैन व डग्गामार वाहन भी यहीं से सवारी बैठाते हैं। नियमों की अनदेखी कर हो रहे संचालन से परिवहन और पुलिस विभाग के जिम्मेदार मौन हैं। डिपो की आय और कम सवारी मिलने पर वेतन से होने वाली कटौती को लेकर रोडवेज के चालक-परिचालक डग्गामार वाहनों के संचालन का विरोध कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले चालक-परिचालकों ने खुद ही वैन को डिपो में लाकर खड़ा किया। इसके बाद कार्रवाई के लिए अफसरों को जानकारी दी। इस दौरान डिपो पर करीब दो से तीन घंटे तक गहमागहमी का माहौल रहा। मगर, डग्गामार वाहनों का संचालन बंद नहीं हुआ है।
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के पदाधिकारी डिपो पर एकत्र हुए। जुलूस के रूप में नौगवां चौराहे पहुंचे। यहां से नारेबाजी करते हुए शहर के डिग्री कॉलेज चौराहा, छतरी चौराहा होकर कलक्ट्रेट तिराहे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में मौजूद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि रोडवेज बसों का संचालन नौगवां चौराहा व असम चौराहे से हो रहा है। इन चौराहों पर डग्गामार वाहन चालक हावी हैं। इससे रोडवेज की आय पर काफी असर पड़ रहा है। वहीं लोड फैक्टर न आने से कर्मचारियों की तनख्वाह भी कट रही है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण कराए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में शाखा अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव, शाखा मंत्री साधुराम दिवाकर, शाखा उपाध्यक्ष गोपाल साहनी, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष उपेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राजीव पांडे, कार्यालय मंत्री अमित चौहान, आदित्य शर्मा सहित अन्य चालक-परिचालक मौजूद रहे।