पीलीभीत। साइकिल मिस्त्री ओमपाल की आत्महत्या का मामला हल्का दरोगा को शुरू से ही पता था। परिजनों के मुताबिक घटना वाले दिन ही दरोगा विशाल त्यागी ने सीएचसी में ओमपाल के बयान रिकॉर्ड किए थे। बाद में उसे मौत की जानकारी भी हुई। बावजूद इसके उसने अधिकारियों को नहीं बताया। मंगलवार को जब ओमपाल के बेटे ने तहरीर दी तब आरोपी भाइयों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई।
बीसलपुर के ग्राम नगरिया फतेहपुर निवासी 50 वर्षीय ओमपाल की बीलसपुर में बारह पत्थर के पास साइकिल मिस्त्री की दुकान थी। तीन-चार दुकानें छोड़कर रविंद्र राना उर्फ टिंकू उर्फ पहलवान और उसके भाई अरविंद राणा उर्फ रिंकू की ट्रैक्टर-ट्रॉली के पार्ट्स की दुकान है। ओमपाल का बेटा गौरव बरेली में एक प्राइवेट अस्पताल में काम करता है। गौरव का कहना है कि 30 अगस्त को रिंकू-टिंकू ने उनके पिता को बुरी तरह पीटा था। इससे आहत होकर उन्होंने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। घटना वाले दिन ही ओमपाल के पड़ोस में फोटोस्टेट की दुकान चलाने वाले उनके बड़े भाई इंद्रपाल ने पुलिस को सूचना दी।
कस्बे में उस समय दरोगा विशाल त्यागी मौजूद थे। ओमपाल को बीसलपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहीं पर दरोगा ने ओमपाल के बयान भी रिकॉर्ड किए। बयान में भी ओमपाल ने रिंकू-टिंकू द्वारा की पिटाई की बात कही थी। परिजनों के अनुसार इसका वीडियो हल्का इंचार्ज विशाल त्यागी के पास है। बाद में यहां तलाशी के दौरान ओमपाल के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला।
मामले में तहरीर न आने के कारण दरोगा भी मामले को दबाकर बैठ गए। मामला तब खुला जब मंगलवार को ओमपाल का लड़का गौरव तहरीर लेकर बीसलपुर थाने पहुंचा। यहां इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को घटना की जानकारी दी। तहरीर मिलने के बाद इंस्पेक्टर ने आरोपी दोनों भाइयों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा 306 में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर का कहना है कि मृतक के पुत्र ने मंगलवार से पहले तहरीर ही नहीं दी, न ही थाने आकर उन्हें बताया। अब रिपोर्ट दर्ज कर हमलावरों की तलाश की जा रही है।
पीटने का कारण पुलिस को पता न परिवार को
दोनों भाइयों ने ओमपाल को क्यों मारा, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। मृतक ओमपाल का बेटा भी इसे नहीं बता पा रहा है। उसने बताया कि वह बरेली में रहता है। पिता ने कभी उससे इस तरह की कोई बात नहीं की। दो दिन पहले ही उसकी बात हुई थी। घर में किसी को नहीं पता कि पिता को क्यों पीटा या। पड़ोस में दुकानदार ओमपाल के बड़े भाई इंद्रपाल को भी नहीं पता।
सुसाइड नोट की भी जांच कराएगी पुलिस
बताया जा रहा है कि मरने से पहले ओमपाल ने तीन सुसाइड नोट लिखे थे। तीनों में एक ही बात लिखी थी। इसमें एक पुलिस को दे दिया गया। पुलिस की यह समझ नहीं आ रहा, जब तीनों सुसाइड नोट में एक ही बात लिखी है तो उसे तीन अलग-अलग कागजों पर लिखने की क्या जरूरत थी। बेटे गौरव ने बताया कि ओमपाल हाईस्कूल तक पढ़े थे। पुलिस सुसाइड नोट की भी जांच कराने की बात कह रही है।
ओमपाल के बेटे ने मंगलवार को ही तहरीर दी थी। जिस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। आरोपियों की तलाश की जा रही है।- प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर बीसलपुर