पीलीभीत। गोमती उद्गम स्थल पर आयोजित शरदकालीन गोमती महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को पर्यावरण एवं नदी संरक्षण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता हुई। सीता हरण और शबरी द्वारा श्रीराम को बेर खिलाने का मंचन भी किया गया। दिन में हुई प्रतियोगिता में 70 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया और शाम को ब्रजलोक कला फाउंडेशन ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने लीला का मंचन करके श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
माधोटांडा स्थित गोमती के उद्गम स्थल पर कार्तिक पूर्णिमा से पांच दिवसीय शरदकालीन गोमती महोत्सव का रंगारंग आयोजन जारी है। शुक्रवार को दिन में कई विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद पर्यावरण एवं नदी संरक्षण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 10 विद्यालयों के 70 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
शाम को ब्रजलोक कला फाउंडेशन ग्रुप मथुरा-वृंदावन के अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने पंकज खंडेलवाल और स्वामी अनिल के निर्देशन में श्रीराम की लीला का मंचन किया। मंचन की शुरुआत हनुमान स्तुति और मां गोमती की आरती से हुई। कलाकारों ने मारीच वध और सीता हरण प्रसंग का मंचन किया। श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, केवट, शूपर्णखा, रावण और जटायु के रूप में संवाद के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंचन के दौरान केवट द्वारा श्रीराम को नाव से नदी पार कराना दिखाया। शूपर्णखा की नाक कटने का मंचन किया गया। इसके बाद मारीच ने स्वर्ण मृग के रूप में श्रीराम, लक्ष्मण और सीता को भ्रमित किया। रावण साधु के वेष में माता सीता का हरण कर लिया। दर्शकों ने कलाकारों की सराहना की। इसके बाद जटायु और रावण के बीच हुए युद्ध, जटायु का बलिदान के अलावा शबरी द्वारा श्रीराम को स्नेह से झूठे बेर खिलाने का भावात्मक मंचन किया गया। मंचन के बाद पांडाल में श्रीराम-सीता का जयघोष हुआ।
कार्यक्रम में योगेश्वर सिंह, निर्भय सिंह, नरेश, शिव कुमार, गोविंदा राठौर, शक्ति सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।