बीसलपुर (पीलीभीत)। नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत शुक्रवार को केकेएस विद्यालय में महिला सशक्तीकरण पर विचार गोष्ठी हुई। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्साधिकारी डॉ. ललिता रस्तोगी ने कहा कि शिक्षित होकर ही महिलाएं अपराजिता बन सकती हैं। महिलाओं को सम्मान और स्वाभिमान के साथ आत्मनिर्भर बनना है तो शिक्षित होना ही पड़ेगा।
इससे पूर्व उन्होंने गोष्ठी का मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कहा, महिलाओं ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। आज वे पुरुषों से किसी मायने में कमतर नहीं हैं।
विद्यालय की प्रबंधक कल्पना गंगवार ने कहा कि परिस्थिति चाहे जैसी हों, महिलाओं को हिम्मत और हौसला बनाए रखना चाहिए। तब वे बड़ा से बड़ा काम कर सकती हैं। शिक्षिका कोमल मिश्रा ने कहा कि देश को संस्कारित नागरिक देने का सबसे गुरुतर दायित्व महिलाओं के ही कंधों पर है। गोष्ठी में विद्यालय के डायरेक्टर अशोक कनौजिया, प्रधानाचार्य प्रेमपाल गंगवार, शिक्षिका अर्चना गंगवार, शिक्षक हरिओम, सुदेश गंगवार, प्रिया गंगवार, शिवानी गंगवार, निधि गंगवार आदि ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता कल्पना गंगवार और संचालन मुकेश सक्सेना ने किया।
नारी गरिमा अक्षुण्ण रखने की दिलाई शपथ
चिकित्साधिकारी डॉ. ललिता रस्तोगी ने छात्राओं को जीवन के प्रत्येक मोड़ पर नारी गरिमा अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ दिलाई।
मेहंदी में कोमल, रंगोली में निधि की टीम रही प्रथम
मेहंदी प्रतियोगिता में कोमल प्रथम, प्रिया द्वितीय और मानसी तृतीय रहीं। इसमें विभिन्न कक्षाओं की 17 छात्राओं ने भाग लिया। इधर, रंगोली प्रतियोगिता में निधि एंड पार्टी प्रथम, सपना एंड पार्टी द्वितीय और अनामिका एंड पार्टी तृतीय रही।
सुरक्षा और सम्मान के प्रति रहें जागरूक
अमर उजाला के अपराजिता अभियान से अपने सम्मान और सुरक्षा के प्रति खुद जागरूक रहने की सीख मिली है। अपराजिता ने महिलाओं का हौसला दोगुना कर दिया है।
- मानसी मिश्रा, छात्रा
बहुत कुछ सीखने को मिला
गोष्ठी के माध्यम से बहुत कुछ सीखने को मिला है, जो जीवन भर काम आएगा। महिलाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए शिक्षा को हथियार बनाकर आगे आना होगा।
- प्रिया गंगवार छात्रा
महिलाओं पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी
महिलाओं पर समाज की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। महिलाओं को संयम और धैर्य के साथ अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करना चाहिए। कोई भी काम हड़बड़ाहट में नहीं करना चाहिए।
- शिवानी गंगवार छात्रा
बेटियां समाज की अनमोल धरोहर
महिलाओं को विपरीत परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होना चाहिए। बेटियों के प्रति समाज को अपना नजरिया बदलना होगा। बेटियां समाज की अनमोल धरोहर हैं। उनकी मर्यादा का सभी को ध्यान रखना चाहिए।
- रीतू गुर्जर छात्रा