पीलीभीत। जिले में बसे मराठा परिवार ही मराठा संस्कृति को जिंदा रखे है। करीब चार दशक पूर्व महाराष्ट्र से जनपद में आकर बसे मराठा परिवार महाराष्ट्र की तर्ज पर ही यहां 18 साल से श्री गणेश चौथ उत्सव बनाते आ रहे हैं। इस बार श्री गणेश चतुर्थी उत्सव दो सितंबर से शुरू होगा।
महाराष्ट्र के जिला सांगली से कुछ परिवार आकर जिले में बस थे। इसमें कुछ परिवार पीलीभीत में तो कुछ पूरनपुर, बिलसंडा और बीसलपुर में आकर बस गए थे। इन परिवारों के मुताबिक बुजुर्गों द्वारा यहां आने के बाद मात्र पूजा पाठ ही की जाती थी, लेकिन जब युवा वर्ग आगे आए तो उन्होंनेे ही महाराष्ट्र की तर्ज पर यहां गणेश उत्सव मनाने की फैसला लिया। इस बार पीलीभीत और महाराष्ट्र मित्र मंडल 19वां श्री गणेश चतुर्थी उत्सव मनाया जाएगा। इस उत्सव की शुरूआत दो सितंबर से होगी। मंडल द्वारा इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। श्री गणेश की प्रतिमा महाराष्ट्र के सांगली जिले से यहां आ चुकी है। इन घरों में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है।
श्री गणेश चतुर्थी उत्सव दो सितंबर से शुरू होगा। पहले दिन सुबह 11 बजे पूजन, शाम तीन बजे शोभायात्रा और सायं छह बजे प्रतिमा की स्थापना होगी। तीन सितंबर को डांस प्रतियोगिता, चार को फैंसी ड्रेस कार्यक्रम, पांच को टीनू महाकाली लोक नृत्य कलाकारों द्वारा काली महिमा मंचन, छह को शंकर जी पर आधारित झांकियां और आठ सितंबर को मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा के साथ उत्सव का समापन होगा।
पर्व की तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं। इस बार 19वां श्री गणेश चतुर्थी उत्सव दो सितंबर से शुरू होगा। इसे धूमधाम से मनाया जाएगा।
दीपक मराठा, अध्यक्ष, पीलीभीत एवं महाराष्ट्र मित्र मंडल