पीलीभीत। बीसलपुर तक आमान परिवर्तन के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने फाइनल निरीक्षण कर लिया। उन्होंने ट्रैक की क्षमता परखने के लिए स्पीड ट्रॉयल के तौर पर आठ डिब्बों की ट्रेन को भी दौड़ा कर देख लिया। हालांकि निरीक्षण में क्या मिला यह रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। रिपोर्ट में हरी झंडी मिलती है तो शुरुआत में इस रूट पर दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन होने की संभावना है।
शाहजहांपुर रूट पर बीसलपुर तक 37 किलोमीटर तक आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। इस रूट पर ट्रेन दौड़ाने के लिए रेल प्रशासन ने तैयारियां भी पूरी कर ली है। इसको लेकर रेल संरक्षा आयुक्त ने दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को बारीकी से परखने के बाद ट्रैक की क्षमता देखने के लिए 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से ट्रॉयल भी कर लिया। सूत्रों ने बताया कि सीआरएस निरीक्षण लगभग पूरी तरह सफल रहा। इससे मार्च में ट्रेन दौड़ सकती है। शुरुआत में इस नए रूट पर दो जोड़ी ही ट्रेन चलेंगी। करीब छह माह बाद ट्रेनों को बढ़ा दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सीआरएस निरीक्षण आने के बाद ही ट्रेनों के संचालन के बारे में कहा जा सकता है। फाइनल रिपोर्ट में अगर हरी झंडी मिलती है तो रेल मंत्रालय से अनुमति मिलते ही ट्रेनों को दौड़ाना शुरु कर दिया जाएगा।
सीआरएस निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही ट्रेन चलाने को हरी झंडी मिलेगी। अगर हरी झंडी मिलती है तो ट्रेनों के संचालन के लिए रेल मंत्रालय से मंजूरी ली जाएगी। इसके दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन शुरु हो जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल