सीआरएस की फटकार पर तेजी से शुरू हुए अधूरे कार्य
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
सीआरएस की फटकार और एक अभियंता पर गिरी गाज के बाद ब्राडगेज कंवर्जन के अधूरे पड़े कार्य शनिवार को एकाएक तेज कर दिए। अमूमन अभी तक नाममात्र की लेबर लगाकर कार्य कराया जाता रहा है, लेकिन शनिवार को रेलवे प्लेटफार्म से लेकर रेल पटरियों तक पर काम होता दिखा।
पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर एक जनवरी को ट्रेनों का संचालन बंद कर ब्राडगेज कंवर्जन का कार्य शुरू किया गया था। जिसके बाद पुरानी रेल पटरियों को हटाकर ट्रैक बेस तैयार कर बड़ी लाइन की पटरियां बिछाई गई। पटरी बिछाने के बाद ही सिंगनल, रेलवे प्लेटफार्म समेत अन्य कार्य शुरू किए गए। इस बीच महकमे ने जल्द से जल्द ब्राडगेज ट्रेन दौड़ाने की मंशा से आनन फानन में कार्य कराने के साथ ट्रैक ट्रायल भी करा डाला और सीआरएस निरीक्षण की तिथि लेने के साथ इसकी तैयारी भी शुरू कर दी। इधर 20 अक्तूबर को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार वाजपेई को ब्राडगेज निरीक्षण के दौरान तमाम कार्य अधूरे मिले। सिग्रल का कार्य भी काफी अधूरा पाया गया। जिसको लेकर संरक्षा आयुक्त संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने अपूर्ण कार्यों को लेकर बीजी अफसरों की फटकार लगाई थी। दूसरे दिन ही उप मुख्य सिग्रल एवं दूरसंचार अभियंता मानवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया।
सीआरएस की फटकार व अभियंता पर गिरी गाज के बाद महकमे के अफसरों में हड़कंप मच गया। कहीं किसी अन्य अधिकारी पर गाज न गिर जाए, शनिवार को धीमी गति से चल रहे ब्राडगेज कार्य एकाएक तेज कर दिए गए। रेलवे प्लेटफार्म, सिग्रल, वाशिंग लाइन के समीप नाला निर्माण, रेल पटरियों के अधूरे पड़े सभी कार्य एक साथ शुरू कर दिए गए। जहां पिछले कई दिनों से नाममात्र की लेवर से कार्य कराया जा रहा था, वहीं शनिवार को बड़ी तादाद में मजदूर काम करते देखे गए। इधर रेल यात्रियों के आवागमन के लिए एकमात्र बने फुट ओवरब्रिज को भी हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक रविवार का फुट ओवरब्रिज हटाया जा सकता है। ऐसे में प्लेटफार्म तीन व चार से आने वाले रेल यात्रियों की दिक्कतें और भी बढ़ सकती है।