बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। इसके बावजूद जिले की बेसिक शिक्षा का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है। बताते हैं कि जिम्मेदार लोग ही गोलमाल करने में जुटे हैं। आशंका जताई जा रही है कि करीब तीन साल पहले परिषदीय स्कूलों में कक्षा छह में चार हजार से अधिक बच्चों का फर्जी नामों से प्रवेश दिखाकर गोलमाल किया गया। अब शासन की ओर से कक्षा नौ में प्रवेश के लिए छात्रों के मांगे गए ब्यौरे में इस गोलमाल की पोल खुलती जा रही है।
इस साल जिले में करीब 33724 बच्चों ने कक्षा आठ उत्तीर्ण किया है। इनमें से 19214 बच्चों को डाटा ऑनलाइन अपलोड हो चुका है। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग 22680 विद्यार्थियों का एडमिशन कक्षा आठ में कर चुका है। यानी तीन साल पहले कक्षा छह में प्रवेश लेने वाले 4618 विद्यार्थियों का पता नहीं लग पा रहा है। इन विद्यार्थियों का ब्यौरा लेने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग कई बार पत्राचार कर चुका है, लेकिन अभी तक बेसिक शिक्षा महकमे की ओर से इन बच्चों का ब्यौरा नहीं दिया गया।