लखनऊ सीबीसीआईडी से आई ट्रेकर डॉग (खोजी कुत्ता) सौम्या अपराधियों को सर्च
करने में पुलिस की मददगार होगी। सौम्या का इस्तेमाल खासतौर पर हत्या, रेप,
लूट और डकैती की घटनाओं के होने पर किया जाएगा। एसपी की विशेष मांग पर
शासन ने 23 जिलों के साथ पीलीभीत जिले को भी ट्रेकर डॉग को दो प्रशिक्षित
सिपाहियों के साथ भेजा है।
सौम्या के रहने के लिए वातानुकूलित कक्ष (डाग
कैनल) बनवाए जाने के प्रयास भी एसपी स्तर से शुरू हो गए हैं।
नेपाल
सीमा से सटा पीलीभीत जिला आतंकवाद का दंश झेल चुका है। खुली सीमा होने के
कारण काफी संवेदनशील माना जाता है। जिले में डॉग स्कवायड नहीं था। जरूरत
पड़ने पर खोजी कुत्ते मुरादाबाद व बरेली से मंगवाने पड़ते थे। खोजी कुत्ते
घटनास्थल पर जब तक पहुंचते थे तब तक अपराधी काफी दूर निकल जाते थे।
एसपी
जेके शाही ने जिले का कार्यभार संभालने के बाद यहां डॉग स्कवायड की जरूरत
महसूस की और शासन से खोजी कुत्तों की मांग थी। शासन ने सीबीसीआईडी लखनऊ से
पीलीभीत, हाथरस, उन्नाव, कानपुर नगर, मुरादाबाद, बस्ती, बागपत, बिजनौर सहित
23 जिलों में डॉग स्कवायड भेजे हैं। पीलीभीत में ट्रेकर प्रशिक्षक प्रभारी
डॉग स्कवायड विनोद राजपूत और सहायक युवराज किशोर उपाध्याय के साथ सौम्या
पीलीभीत आ चुकी है।
उसे फिलहाल प्रशिक्षकों के साथ पुलिस लाइन में रखा गया
है। सौम्या का सहयोग पुलिस हत्या, लूट, डकैती और रेप जैसे संगीन अपराधिक
मामलों में लेगी। उसके रहने के लिए डॉग कैनल बनवाने के लिए एसपी ने
कार्रवाई शुरू कर दी है।
नौ प्रकार के होते हैं डॉग स्कवायड
सौम्या
के साथ सीबीसीआईडी से आए प्रभारी डाग स्कवायड विनोद राजपूत ने बताया कि
प्रदेश में खोजी कुत्ते नौ प्रकार के हैं। इनमें ट्रेकर, एक्सक्ल्यूसिव, बम
स्कोर्ट, नारकोटिक्स, सर्च एण्ड रेस्क्यू, आईबी आदि होते हैं। ट्रेकर डॉग
हत्या, लूट, रेप, चोरी और डकैती के मामलों में काफी एक्सपर्ट होता है।
सौम्या के खाने का यह है मीनू
ट्रेकर
डॉग सौम्या के खाने का मीनू भी तैयार कर भेजा गया है। सुबह के समय खाने
में 540 एमएल दूध, दलिया 250 ग्राम, अंडा एक, सब्जी 250 ग्राम और शाम के
समय दाल 250 ग्राम, 340 ग्राम मीट, सब्जी 250 ग्राम दी जाएगी। इसके अलावा
हफ्ते में किसी दिन चावल तो किसी दिन बिस्कुट आदि अलग से उसे खिलाया जाएगा।
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नेपाल से सटा जिला है। घटना के बाद अपराधी
नेपाल चले जाते हैं। डॉग स्कवायड न होने से काफी दिक्कत थी। मैने कई बार
शासन से पत्राचार किया। जिस पर सौम्या को पीलीभीत भेजा गया है। उसके रहने
के लिए अलग डॉग कैनल बनवाने के लिए लिखा पढ़ी शुरू कर दी है।
-जेके शाही, एसपी