थाना क्षेत्र के ग्राम पिपराखास निवासी 32 वर्षीय शांती स्वरूप उर्फ रमेश का रक्तरंजित शव गांव में नाली के किनारे पड़ा पाया गया। उसके हाथ पैर बांधकर गर्दन और सिर पर धारदार हथियारों से प्रहार कर हत्या की गई है। युवक की हत्या की सूचना से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। मृतक की पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम पिपराखास निवासी सुंदरलाल ने बताया कि उसका बड़ा पुत्र शांती स्वरूप उर्फ रमेश 32 वर्षीय शुक्रवार को दिन मेें 11 बजे घर से गांव में ही घूमने निकला था। कुछ लोगों ने उसे गांव निवासी पप्पू की दुकान के पास बैठा देखा। शाम तक घर वापस न लौटने पर घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की। शनिवार को सुबह पांच बजे गांव निवासी इन्द्रपाल के मकान के बाहर रास्ते में नाली के किनारे शांती स्वरूप हाथ पैर बंधे हुए रक्तरंजित शव पड़ा देखा गया। शव मिलने की सूचना से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस भी गांव पहुंची और शव को कब्जे में लिया। सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह व सीओ सुवेग सिंह सिद्धू भी गांव पहुंचे और लोगों ने घटना की जानकारी ली। मृतक के पिता सुंदरलाल का कहना है कि उसके पुत्र के हाथ पैर बांध कर हत्यारों ने गले व सिर पर धारदार हथियारों से प्रहार कर हत्या की है लेकिन किसी से भी रंजिश होने से उन्होंने इंकार किया है। मृतक की पत्नी सविता देवी, मां विमला देवी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की दो पुत्रियां क्रमश: सात वर्षीय अंशी और चार वर्षीय ब्यूटी है। एसओ सुरेश कुमार सिंह ने बताया मृतक के पिता सुंदरलाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। घटना जा जल्द खुलासा किया जाएगा।