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जिले में भी फलफूल रहा है कच्ची शराब की धंधा

Wed, 14 Jan 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
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जिले में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आबकारी व पुलिस विभाग इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। शहर से सटे गांवों व देहात क्षेत्रों में शाम ढलते ही पियक्कड़ों की भीड़ विक्रेताओं के घर पर लग जाती है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी पुलिस अथवा आबकारी विभाग को नहीं हैं, लेकिन कमाई के चक्कर में विभाग आंखे मूंद लेता है। कोतवाली दियोरिया कलां के गांव दियूकलिया, मानपुर टेहरी, पिपरिया संजरपुर, सुजनी महमदपुर, भगवतीपुर में शराब की भट्ठियां खुलेआम धधकती हैं। यह गांव तो महज एक बानगी भर हैं। जिले के ऐसे तमाम गांव हैं जहां खुलेआम शराब का कारोबार चल रहा है। कम लागत में अधिक कमाई के चक्कर में कारोबारी शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए उसमें यूरिया व इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा भी कई घातक केमिकल मिलाते हैं, जिससे शराब की तीव्रता बढ़ जाती है, जो लोगों के लिए जानलेवा साबित होती है। जिला आबकारी अधिकारी एसपी तिवारी ने बताया कि पूनपुर के गांव महदिया निवासी लालताप्रसाद को 40 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया गया, जबकि महदिया सिरसा में आरोपी तो भाग निकला, लेकिन उसके घर से 15 लीटर शराब बरामद हुई। दोनों स्थानों पर क्रमश: मिली लहन 500 व 400 लीटर नष्ट की गई है। उन्होंने बताया कि डीएम के आदेश पर पूरनपुर, बीसलपुर व शहर के एसडीएम की अध्यक्षता में टीमें गठित की हैं। टीमों में सीओ भी शामिल हैं। यह टीमें बुधवार से छापेमारी करेंगी।
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बिलसंडा के दर्जनों गांवों में फैला है कारोबार  
बिलसंडा। क्षेत्र के मोहनापुर, मझिगवां, बमरोली, ताजपुर, तिलछी, बिलासपुर, भगवंतापुर, करेली, मरेना, पसगवां, लिलहर, मुड़िया बिलहरा समेत दर्जनभर ऐसे गांव हैं जहां पर शराब का अवैध कारोबार चल रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी शराब महंगी है। इस वजह से लोग अवैध शराब का अधिक सेवन करते हैं। कारोबार की सप्लाई का भी तरीका बदला है। प्लास्टिक के पाउच में 100 ग्राम की पैकिंग की जाती है जो 10 रुपये में बिकती है।
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