ट्रैंक्यूलाइज करने को आज चलेगा बड़ा ऑपरेशन
डीएम, एसपी और वनसंरक्षक ने संयुक्त प्रेसवार्ता में दी जानकारी
खूनी हो चुका बाघ जल्द वनविभाग की गिरफ्त में आ सकता है। रविवार को चले सर्च ऑपरेशन में उसके पदचिह्न एवं एक दिन पूर्व मारे गए पड्डे के अवशेष मिले हैं। मंगलवार को उसे पकड़ने के लिए वृहद ऑपरेशन चलाया जाएगा। यह जानकारी डीएम, एसपी एवं वनसंरक्षक की संयुक्त प्रेसवार्ता में दी गई।
टाइगर रिजर्व मुख्यालय के सभागार में हुई प्रेसवार्ता में डीएम शीतल वर्मा ने कहा कि प्रशासन घटना पर लगातार निगाह बनाए हुए है। जिलास्तर से लेकर शासन तक वार्ता चल रही है। पुलिस और प्रशासन हर घटना के बाद मौके पर भी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि घटना में मारे गए परिवारों को प्रशासन एवं वनविभाग की ओर से आर्थिक सहायता स्वीकृत हो गई है। वनविभाग, राजस्व प्रशासन एवं मंडी की ओर से लगभग 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, चूंकि धनराशि सीधे खाते में जानी है इसलिए संभवत: बुधवार को बैंक खुलने पर धनराशि भेज दी जाएगी। वनसंरक्षक वीके सिंह ने बताया कि एक दिन पूर्व जो पदचिह्न मिले थे वह पुराने थे लेकिन सोमवार को चले अभियान में हिमकनपुर और देवहा नदी के मध्य बाघ के ताजे पदचिह्न मिले हैं। साथ ही एक स्थान पर मारे गए पड्डे के अवशेष मिले हैं। इससे बाघ के इसी क्षेत्र में होने की प्रबल संभावनाएं हैं। मंगलवार को बाघ पकड़ने का पूरा प्रयास किया जाएगा। वार्ता के दौरान मुख्य वनसंरक्षक अरविंद गुप्ता, डीएफओ आदर्श कुमार, कैलाश प्रकाश, एसडीओ केपी सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार सहित कई वनाधिकारी मौजूद रहे।
शाम से शुरू कर दी गई तैयारी
वनसंरक्षक वीके सिंह ने बताया बाघ के पंजे और पड्डे के अवशेष मिलने के बाद से क्षेत्र में वनविभाग की सक्रियता बढ़ा दी गई है। दो हाथियों के अलावा एक बंद ट्रैक्टर मौके पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में दो पड्डे भी बांधे गए हैं। सुबह ट्रैंक्यूलाइजिंग एक्सपर्ट डॉ. उत्कर्ष शुक्ला के नेतृत्व में अभियान चलाया जाएगा।
20 तक साथ रहेगी पुलिस की टीमें
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि बाघ की घटनाओं के बाद पुलिस की क्यूआरटी के साथ दो सेक्शन पीएसी लगाई गई थी जो पहले 12 अगस्त तक के लिए मांगी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 अगस्त तक रोका गया था। अब इसकी अवधि बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। वनविभाग के अभियान में पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराया जा रहा है।
अफवाहें न फैलाएं, वनविभाग का करे सहयोग
अधिकारियों ने जनसामान्य से अपील की वह अफवाहें न फैलाएं। गलत सूचनाओं पर वनविभाग का समय खराब होने के साथ-साथ ग्रामीणों का विश्वास भी कम होता है। वनविभाग को अपना काम करने दें।
माधोटांडा मार्ग रात में बंद करने पर विचार
प्रेसवार्ता के दौरान डीएम शीतल वर्मा ने बताया कि वाहनों के टकराने से वन्यजीवों की मौत हो रही है। इसे रोकने के लिए माधोटांडा मार्ग पर रात को 10 बजे से सुबह आठ बजे तक हैवी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का विचार चल रहा है। केवल पुलिस, एंबुलेंस अथवा हल्के वाहनों को ही रात में जाने की अनुमति दी जाएगी।
दो विधायकों का पैसा मिला, सांसद निधि भी स्वीकृत
जंगली जानवरों को जंगल से बाहर आने से रोकने के लिए सोलर फेसिंग का प्रस्ताव रखा गया था। जिनके लिए विधायकों ने विधायक निधि से 5-5 लाख देने की घोषणा की थी, लेकिन चूंकि दो विधायकों के क्षेत्र में ही जंगल आता है इसलिए दो विधायकों क्रमश: बरखेड़ा और पूरनपुर से स्वीकृति पत्र मिलने पर धनराशि जारी कर वनविभाग को दी गई है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री की ओर से भी 15 लाख रुपये स्वीकृत हो गए हैं। डीएम ने बताया कि इसके अलावा मुख्यमंत्री से धनराशि दिलाने को वार्ता चल रही है।