सामाजिक वानिकी महकमा फर्जी रवन्नों के सहारे अब तराई क्षेत्र के ऐसे इलाकों से पापुलर, यूकेलिप्टिस एवं फलदार वृक्षों का सफाया कराने में जुटा है जो वास्तव में सिंचाई व वन विभाग की अवैध कब्जे वाली भूमि पर खड़े हैं, या फिर वह भूमि जिस पर हाईकोर्ट के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश हैं।
तराई क्षेत्र में शारदा डैम की तलहटी में जीरो किलोमीटर से 17 किलोमीटर तक व डैम की मुख्य बाडी से 600 फिट की चौड़ाई में डैम का वर्जित क्षेत्र है। जिस पर सैकड़ों अवैध कब्जेदार बसे हैं। इसके अलावा रमनगरा से लेकर बूदीभूड़, मठइयालालपुर व महाराजपुर तक कई गांवों में 1171 एकड़ भूमि ऐसी है, जिसको सिंचाई विभाग ने राजस्व विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। उस भूमि पर भी सैकड़ों अवैध कब्जेदार काबिज है और बड़ी संख्या में हरे भरे विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष भी खड़े हैं। कुछ स्थानों पर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश कर रखे हैं। इसके अलावा रमनगरा, नौजल्हा नकटहा में ऐसी सैकड़ों एकड़ भूमि है, जो पहले बंगाली विस्थापितों को आवंटित की गई थी, लेकिन 1999 में वन भूमि दर्ज कर दी गई। ऐसी समूची सैकड़ों एकड़ भूमि पर खड़े वृक्षों का सफाया करने को ठेकेदारों ने सामाजिक वानिकी से सांठगांठ कर नई तकनीक ईजाद की है।
रवन्ना निकासी में होता है खेल
सामाजिक वानिकी यूकेलिप्टिस व अन्य प्रजातियों के वृक्षों की फाइल तो किसी अन्य क्षेत्र की तैयार कराता है और जो रवन्ना निकासी जारी किया जाता है, उस पर मात्र रमनगरा से जहां माल जाना होता है, वह अंकित कर दिया जाता है। वन रक्षक जिसको मौके पर निकासी करने के आदेश हैं, ठेकेदार उससे पूरनपुर से ही रवन्ने पर निकासी करा लाते हैं। यह लकड़ी सिंचाई, वन विभाग और हाईकोर्ट की स्टे वाली भूमि से काटी जाती है।
एसएसबी ने पकड़ा, रेंजर ने छुड़वाया
सप्ताह भर पूर्व एसएसबी जवानों ने नगरियाकट पर लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा था, लेकिन बाद में एक रेंजर ने यह कहकर छुड़वा दिया कि यह रवन्ना उनके द्वारा ही काटा गया है। हालांकि एसएसबी जवानों का कहना था कि आगे से लकड़ी जिस प्लाट की काटी जाए, उसी स्थान का रवन्ना होना चाहिए।
यह सही है कि जिस स्थान का रवन्ना व निकासी हो उसी स्थान से पेड़ काटा जाना चाहिए। मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि रवन्ना, निकासी कहीं और की और पेड़ कहीं और के काटे जा रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है। पूरे मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आदर्श कुमार, निदेशक, सामाजिक वानिकी