त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने विमला हत्याकांड के आरोपी पति राजेश व ससुर तिलकराम को दोषी पाकर उम्रकैद की एवं प्रत्येक को 10 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
घटना की रिपोर्ट ग्राम अलीगंज देशनगर निवासी श्रीराम ने दो दिसंबर 2013 को दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार उसकी बेटी विमला का विवाह 21 मई 2013 को थाना न्यूरिया के गांव हाशिमपुर निवासी तिलकराम के पुत्र राजेश के साथ हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार शादी के 15 दिन के बाद ही दहेज की मांग को लेकर विवाहिता का उत्पीड़न शुरू कर दिया।
पहली दिसंबर 2013 की शाम को विमला की ससुराल में मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद मृतका के पति और ससुर के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 10 हजार रूपये जुर्माना सुनाया है।