सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को दो नवजात शिशुओं की मौत पर परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि डॉक्टर व नर्स ने प्रसव के दौरान लापरवाही बरती है।
गांव नगरिया तिलागिरि निवासी अरुण कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी शिवानी व गांव गौहनिया निवासी दिनेश कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी मूलावती को बुधवार को प्रसव के वास्ते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। दोनों महिलाओं की बुधवार को ही डिलीवरी हुई। डिलीवरी के दौरान शिवानी ने मृत बच्चे को जन्म दिया, जबकि मूलावती के बच्चे ने जन्म के कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
नवजात शिशुओं की मौत पर उनके परिवार वाले गुरुवार सुबह सीएचसी पहुंचे और प्रसव करने वाली महिला डॉक्टर व नर्स पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिवार वालों का कहना था कि नवजात शिशुओं की सही ढंग से देखभाल न किए जाने के कारण ही उनकी मौत हुई है। बाद में सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्रीराम के कार्रवाई के आश्वासन पर हंगामा शांत हुए।
प्रसूताओं के अनेमिक होने के चलते हुई मौतें
दोनों ही महिलाओं में खून की कमी थी। शिवानी को एनिमिक होने के चलते जिला अस्पताल में डिलीवरी कराने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने सीएचसी में डिलीवरी करवाई। इसी के चलते नवजातों की मौत हुई है। दोनों ही महिलाओं को जिला अस्पताल में रेफर किया गया है।
- डॉ. ओपी सिंह, सीएमओ