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कुल्हाड़ी से प्रहार कर चाचा की हत्या

Fri, 09 Oct 2015 11:27 PM IST
Purnpur
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गांव गजरौला खास में चचेरे भाइयों में गुटखा खिलाने की बात को लेकर हुए विवाद में भतीजों ने अपने ही खून से हाथ लाल कर लिया। भतीजों ने बहनोई के साथ मिलकर अपने चाचा 50 वर्षीय हरपाल जाटव की पहले पिटाई की। बाद में सिर में धारदार हथियार से प्रहार कर घायल कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय घायल ने दम तोड़ दिया। बेटा मैकूलाल की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
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मृतक हरपाल की पत्नी प्रेमवती ने बताया कि उसका 19 वर्षीय बेटा गुड्डू गुरुवार की शाम गांव की एक दुकान पर गुटखा खाने गया था। रास्ते में उसके जेठ गंगाराम का बेटा सुनील ने गुड्डू से पान मसाला खिलाने को कहा। गुड्डू के मना करने पर दोनों में विवाद हो गया। इससे गुस्साए सुनील ने बेटे की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंचा उनका बड़ा बेटा मैंकूलाल अपने छोटे भाई गुड्डू को डांट रहा था।
इसी बीच सुनील के भाई सियाराम ने अपने बहनोई गांव पिपरिया दुलई निवासी मुन्नालाल के साथ मिलकर गुड्डू और मैकू को बंधक बनाकर पिटाई शुरू कर दी। पति को बचाने पहुंची मैकू की गर्भवती पत्नी सपना को भी धारदार हथियार से प्रहार कर घायल कर दिया। देर शाम मैकू ने कोतवाली पहुंचकर सियाराम, मुन्ना लाल, सुनील, गंगाराम की पत्नी चमेली देवी के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। इससे आरोपी काफी नाराज थे।
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परिणाम स्वरूप शुक्रवार की सुबह खेत से लौट रहे उसके पति हरपाल को चारों आरोपियों ने रास्ते में घेरकर पिटाई कर दी और सिर पर कुल्हाड़ी मारकर लहूलुहान कर दिया। हरपाल को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने जानलेवा हमले में दर्ज एनसीआर को हत्या की धारा में तरमीम कर नामजद चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

पुलिस की लापरवाही ने ले ली हरपाल की जान
गांव गजरौला खास में पुलिस की लापरवाही से अधेड़ हरपाल की हत्या हो गई। पुलिस यदि मारपीट की घटना को लेकर संजीदा होती और रात में ही कार्रवाई करती तो घटना टल सकती थी। पुलिस के इस रवैये से पीड़ित परिवार में रोष व्याप्त है।
मृतक की पत्नी प्रेमवती ने बताया कि मारपीट की घटना के बाद वह गुरुवार की शाम को ही पुत्रवधू और दोनों पुत्रों को साथ लेकर कोतवाली गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनसीआर तो दर्ज कर ली, लेकिन घटना को गंभीरता से नहीं लिया। रिपोर्ट दर्ज कराने से आरोपी पक्ष के तेवर और उग्र हो गए। नतीजतन सुबह खेत से लौट रहे उसके पति को रास्ते में घेरकर मार डाला।
प्रेमवती ने बताया कि यदि पुलिस रात को ही एक बार गांव पहुंचकर आरोपियों पर कार्रवाई करती तो घटना को टाला जा सकता था। आरोप है कि उसके पति के गंभीर रूप से घायल होने के कई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

चचेरे भाइयों में मारपीट की घटना गुरुवार की शाम करीब छह बजे हुई थी। एक पक्ष के लोग रिपोर्ट दर्ज कराने रात 12 बजे कोतवाली आए। पीड़ित पक्ष की एनसीआर दर्ज करवा दी गई। पीड़ितों ने मामूली विवाद और परिवार वालों से मारपीट होने की जानकारी दी। सुबह जब तक पुलिस गांव पहुंचती इससे पहले ही घटना हो गई। चारों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।
- शक्ति सिंह, इंस्पेक्टर।

चार भाइयों में सबसे छोटे थे हरपाल
मृतक हरपाल अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़े जेठ की करीब 20 साल पहले, उनसे छोटे गंगाराम की भी कई साल पहले मौत हो चुकी है। छेदालाल और उसके पति हरपाल दो भाई जीवित थे। चारों भाइयों के परिवार गांव में पास-पास अलग-अलग रहते हैं। हरपाल के छह पुत्रों में दो पुत्रों और एक पुत्री की शादी हो चुकी है। प्रेमवती ने बताया कि उसके पति कई साल से गांव के समीप स्थित खेत पर ही रहते थे। पुत्रों और भतीजों में हुए झगड़ा की जानकारी पर शुक्रवार को इसलिए घर आ रहे थे कि बच्चे दोबारा फिर आपस में न लड़ जाए।
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