धोखाधड़ी के 30 साल पुराने एक
मामले में कोर्ट में आकर गवाही न देने पर यहां तैनात रह चुके दो एआरटीओ व
तीन बाबुओं के गैर जमानती वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह
ने जारी किए हैं। एसओ सुनगढ़ी को आदेश दिया गया है कि इन सभी गवाहों को
गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें।
30 साल पहले एआरटीओ सम्मत तिवारी ने
आसाम रोड चौराहा के पास एक ट्रक को चेक किया। चेकिंग के दौरान ट्रक के
कागजात संदिग्ध लगे। जांच में पता लगा कि बुलंदशहर जिले के एक ट्रैक्टर के
नंबर पर यह ट्रक चलाया जा रहा है।
यही नहीं धोखाधड़ी से सरकारी टैक्स की
चोरी हो रही है। पुलिस ने ट्रक स्वामी बुलंदशहर निवासी बलवीर सिंह उर्फ वीर
सिंह के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
इस केस में पीलीभीत
में एआरटीओ रहे सम्मत तिवारी, राजकुमार बाबू, महेंद्र सिंह, सतीश कुमार
अग्निहोत्री, छत्रपाल सिंह गवाह हैं। यह मामला सीजेएम सुनील कुमार सिंह की
अदालत में चल रहा है।
मामला काफी पुराना है। अदालत के आदेश के बाद भी गवाह
हाजिर नहीं हुए। तब कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया है।
एसओ
सुनगढ़ी को आदेश दिए हैं कि गवाहों की वर्तमान तैनाती स्थल का पता लगाकर
उन्हें गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश करें। आदेश की कापी अनुपालन के लिए
एसपी और डीआईजी बरेली को भेजी गई है।
कोर्ट के अभियोजन अधिकारी अमरनाथ
तिवारी को भी आदेश की प्रति इस निर्देश के साथ दी गई है कि वह गवाहों को
उपस्थित कराना सुनिश्चित करें।