क्षेत्र में कायम है वनराज की दहशत
जंगल से सटे एवं देवहा नदी किनारे गांव में बाघ की दहशत कायम है। शनिवार को सुबह टीम को नावकूड गांव के निकट खेत मे बाघ के पगचिह्न मिले है। उधर गजरौला क्षेत्र के दमगढ़ी गांव के खेतों में भी बाघ के पगचिह्न देखे गए हैं।
अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघों की चहल कदमी लोगों को परेशान कर रही है। आए दिन किसी न किसी गांव अथवा इससे सटे खेतों में बाघ के पगचिह्न देखे जा रहे हैं। शनिवार सुबह वन विभाग की निगरानी टीम को देवहा नदी के किनारे स्थित गांव नावकूड निवासी डालचंद्र के ख्ेात में बाघ के पगचिह्न देखे जो देवहा नदी की ओर जाने का इशारा कर रहे हैं। वहीं शहर के निकट स्थित ग्राम चंदोई में सैयद जकी के खेतों में भी बाघ के पगचिह्न मिले हैं। वनविभाग की टीम ने दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों से संपर्क कर एलर्ट रहने एवं किसी भी प्रकार की चहलकदमी दिखने पर वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि गांव हिमकरपुर, नावकूड, सुस्वार, अंडरायन, जगदीशपुर, भिखारीपुर, नगरिया कॉलोनी आदि में टीम की गश्त जारी है।
जराकोठी। माला रेंज से सटी गढ़ा बीट के निकट खेतों में बाघ की चहलकदमी रुकने का नाम नहीं ले रही है। जंगल से सटे गांव दमगढ़ी के लोगों का खेती करना मुश्किल हो रहा है। शनिवार सुबह दमगढ़ी निवासी महेंद्र सिंह के पुत्र बिट्टू ने खेतों में बाघ के पगचिह्न देखकर घर और गांव वालों को सूचना दी। इस पर महेंद्र सिंह सहित कई गांव वाले खेत पर पहुंचे। इस बाबत जानकारी करने पर वनक्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव ने बताया कि जंगल में बाघ का परिवार है जो यदा कदा जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच जाता है। क्षेत्रवालों को पहले ही सचेत कर दिया गया था। पुन: टीम भेजकर सतर्क कराया गया है।