जिले में बाघों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे के अंदर बाघ ने एक और किसान को अपना निवाला बनाया है। सरैदापट्टी निवासी 32 वर्षीय शमशुल रहमान मलिक का शव गन्ने के खेत में मिला है। बाघों के हमले से जिले में नौ माह में 17 लोगों की जान जा चुकी है। अमरिया क्षेत्र में जंगल से बाहर घूम रहे बाघों को पकड़ने में वन विभाग की नाकामी क्षेत्र की जनता पर भारी पड़ने लगी है। सोमवार को क्षेत्र के अड़ौली गांव में किसान तसलीम पर हुए बाघ के हमले के 24 घंटे के अंदर गांव से करीब आठ किमी दूर स्थित जहानाबाद थाना क्षेत्र के सरैदापट्टी गांव के निकट किसान शमशुल रहमान (32) का शव गन्ने क खेत में मिला। बाघ ने मंगलवार दोपहर शमशुल पर उस समय हमला किया जब वह धान की निराई करने खेत पर गए थे। दोपहर बाद तक घर न आने पर घर वालों को चिंता हुई। गांव वाले उन्हें ढूंढने खेत पर पहुंचे। ग्रामीणों को गन्ने के खेत में बाघ दिखाई दिया जो शमशुल का शव खा रहा था। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बाघ शव छोड़कर कुछ दूरी पर गन्ने के दूसरे खेत में चला गया। लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन, पुलिस और वन विभाग को दी लेकिन लगभग चार बजे की सूचना होने के बाद दो घंटे बाद यूपी 100 की गाड़ी ही पहुंच सकी। बाघ के बढ़ते हमले से लोगों में दहशत है। ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।