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गैंगरेप पीड़िता के तीन दिन बाद भी नहीं हो सके बयान

Fri, 27 Nov 2015 11:29 PM IST
Pilibhit
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थाना बरखेड़ा के एक गांव में 20 वर्षीय विवाहिता के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले को शुरुआत से छुपाने में जुटी पुलिस तीन दिन बाद भी पीड़िता के कोर्ट में बयान नहीं करा सकी। प्रारंभिक जांच में गैंगरेप की पुष्टि न होने पर पुलिस ने स्लाइड जांच के लिए बरेली भेजी है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट में बयान के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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21 नवंबर को थाना बरखेड़ा क्षेत्र की एक 20 वर्षीय विवाहिता अपने चाचा के घर पर चल रहे भंडारे में खाना खाकर घर वापस लौट रही थी। रात करीब साढ़े नौ बजे गांव के ही तीन युवकों ने उसे पकड़ लिया और एक खंडहर में खींच ले गए थे। जहां उसके साथ सामूहिक दुराचार किया था। पुलिस ने इस मामले में शुरुआती दौर से ही लीपापोती शुरू कर दी थी। पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार वालों को डांट डपटकर दिया था और उसी रात में आनन-फानन में तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। एसपी के खरीखोटी सुनाने पर एसओ 24 नवंबर को जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया था। बाद में तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज की थी। एसओ सुरेश कुमार सिंह के मुताबिक प्रारंभिक जांच में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है। स्लाइड को जांच के लिए बरेली भेजा गया है। पीड़िता के एक दो-दिन में कोर्ट में बयान कराए जाएंगे। बयानों के बाद आरोपियों की गिरफ्तार होगी।

...फिर अपने मकसद में कामयाब होती दिखी पुलिस
गैंगरेप के इस मामले को पुलिस छुपाने में कामयाब होती दिख रही है। डॉक्टरों के मुताबिक रेप होने से 24 घंटे के अंदर यदि स्लाइड की जांच हो जाए तो स्पर्म जीवित मिलते हैं। पुलिस ने घटना के 72 घंटे बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल परीक्षण के दो दिन बाद यानी 26 नवंबर को पुलिस ने स्लाइड जांच के लिए बरेली भेजी है। इससे साफ है कि पीड़िता की बनाई गई स्लाइड में स्पर्म मिलने की उम्मीद खत्म हो गई। इससे पुलिस का गैंगरेप छुपाने का मकसद कामयाब होता दिख रहा है।
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