तेरह वर्षीय किशोर से चार हमउम्र किशोरों द्वारा कुकर्म का मामला झूठा निकला है। मेडिकल परीक्षण में घटना की पुष्टि नहीं हो सकी है। उधर, दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर लिया है। हालांकि पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
सुनगढ़ी क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले इंजन मिस्त्री ने सोमवार रात आरोप लगाया था कि उसका तेरह वर्षीय बेटा घास काटने के लिए जा रहा था। इस बीच गांव के चार नाबालिग लड़कों ने उसके बेटे को रोक लिया। इसके बाद पास के एक खंडहर में ले जाकर चारों ने उसके साथ कुकर्म किया। एक दिन पहले भी कुकर्म करने की कोशिश करने की बात कही गई थी। मामला शुरूआत से ही पुलिस को संदिग्ध प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच कर रही थी। बुधवार को इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने पीड़ित बालक को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। यहां मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद पूरा मामला झूठा पाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में मासूम से कुकर्म करने की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिल सका है। जिससे यह कहा जा सके कि मासूम से कोशिश भी की गई हो। उधर, पिता का कहना है कि अभी कोई समझौता नहीं किया गया है। हालांकि यह भी स्वीकारा है कि लोग उससे समझौते के लिए कह रहे हैं।
मेडिकल रिपोर्ट में बालक से कुकर्म करने की कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल, पुलिस मामले में जांच पड़ताल कर रही है। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
- अतुल प्रधान, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर