गांव मैनी गुलड़िया निवासी कटेश्वर सिंह के घर बदमाशों ने दोबारा धावा बोलने की कोशिश की। पहले से सतर्क घर वालों ने बदमाशों को देखकर हवाई फायरिंग शुरू की। जिस पर बदमाश जवाबी फायर करते हुए जंगल में भाग गए। बताते हैं कि इस दौरान बदमाशों ने करीब सात राउंड गोलियां चलाईं।
छह जुलाई की रात बदमाशों ने कटेश्वर सिंह के घर धावा बोला था। बदमाश परिवार वालों को बंधक बनाकर 1.52 लाख की नगदी सहित पांच लाख के जेवर लूट ले गए थे। घटना के बाद पीड़ित के घर पर दो सिपाही रात में जाकर रुकते थे। मंगलवार की रात सिपाही गांव नहीं पहुंचे। रात करीब 12.30 बजे कटेश्वर सिंह के घर के पास स्थित गन्ने में बदमाश दिखाई दिए। इस पर कटेश्वर ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग शुरू कर दी।
जवाब में बदमाशों ने भी ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और खेतों में होते हुए जंगल में घुस गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव में दहशत व्याप्त हो गई। तमाम ग्रामीण शोर मचाने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के साथ बदमाशों की तलाश की मगर वे हाथ नहीं चढ़े। एसओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि रात में बदमाशों के होने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस मौके पर गई थी। फायरिंग आदि की बात गलत है।
रात में गांव नहीं पहुंचे थे सिपाही
बदमाशों की चहलकदमी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लेकिन पुलिस इसको लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। इससे लोगों में रोष है। ग्रामीणों के मुताबिक कटेश्वर सिंह के घर पड़ी डकैती के बाद दो-तीन दिन तक दो सिपाही आकर कटेश्वर सिंह के घर पर रुकते थे। मंगलवार की रात सिपाही न तो गांव में आए और न ही पीड़ित के घर पहुंचे। ग्रामीणों का मानना है कि परिवार के लोग सजग नहीं होते तो बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। वहीं एसओ ने कहा कि दो सिपाही मंगलवार की रात गश्ती पर गए थे।