गांव मुजफ्फरनगर निवासी 24 वर्षीय श्याम सिंह की घर में सोते समय रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसके सिर और एक पैर की जांघ में धारदार हथियार से मारने के चोट के निशान थे। घंटों पंचायत के बाद परिवार वालों ने श्याम सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं जानकारी के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची और परिवार वालों से सूचना न मिलने का हवाला देती रही।
घटना बुधवार आधी रात के बाद की है। मृतक के पिता भीकम सिंह ने बताया कि रात को वह और उसका बड़ा पुत्र राम सिंह, श्याम सिंह और सबसे छोटा पुत्र राजा सिंह, उसकी पत्नी शकुंतला देवी घर के आंगन में सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य घर के बरामदे में सोए थे। रात करीब एक बजे श्याम सिंह की अचानक चीख सुनाई दी। उसके बाद एक-दो बार अस्पष्ट आवाज भी निकली।
इस पर उसकी पत्नी शकुंतला ने श्याम सिंह के सपना देखने की बात कहते हुए उसे जगाने का प्रयास किया। पास पहुंचने पर उसका बिस्तर गीला था। अंधेरे में तब शकुंतला ने उल्टी कर लेना समझा, लेकिन जब मोबाइल की लाइट जलाकर देखा, तब श्याम सिंह खून से लथपथ था। वह बेहोश था। उसके सिर और एक पैर की जांघ में धारदार हथियार का गहरा निशान था। रात को ही श्याम सिंह को इलाज के लिए पीलीभीत मुख्यालय पर एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान श्याम सिंह की बृहस्पतिवार को तड़के मौत हो गई।
परिवार वाले उसका शव घर ले आए। बंद घर में श्याम सिंह के सिर और जांघ में धारदार हथियार से हमला करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। श्याम सिंह के ससुराल पक्ष के लोग भी गांव पहुंचे। घंटों चली पंचायत के बाद पुलिस को बगैर सूचना दिए परिवार वालों ने युवक का अंतिम संस्कार कर दिया।
कार्रवाई पर साध गया चुप्पी
मृतक श्याम सिंह के बड़े भाई रामसिंह ने बताया कि रात को भाई की चारपाई के समीप ही उसकी चारपाई थी। उसके सिर में कैसे चोट लगी। जान नहीं पाया। उसने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? इस पर वह चुप्पी साध गया।
बुढ़ापेे के चलते आंखों से दिखाई नहीं देता। चलने फिरने में भी असमर्थ हैं। बेटे के सिर में चोट लगी होने पर इसकी सूचना गांव के लोगों को दी। प्रधान ने मदद कर बेटे को जिला मुख्यालय के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। बंद घर में पुत्र के सिर पर वार किसने किया यह मैं नहीं जान सका। गांव वालों ने बताया कि पुलिस को सूचना हो चुकी है, इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दी।
- भीकम सिंह, मृतक का पिता