थाना जहॉनाबाद के एक गांव में रेप के बाद पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़िता के पिता ने आरोपी और आरोपी के चचेरे भाई पर पुत्री के साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुत्री अर्द्धबेहोशी की हालत में थी। इसलिए वह घटना की जानकारी नहीं दे सकी। पुलिस ने रात में ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, लेकिन पुलिस और डॉक्टर मेडिकल रिपोर्ट के बारे में अभी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं। पुलिस को पैथालॉजी जांच और सप्लीमेंट्री रिपोर्ट का इंतजार है। उधर पुलिस ने आरोपी सलीम सिद्दीकी को हिरासत में ले लिया है।
30 सितंबर की शाम जहॉनाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी चार साल के अपने भाई के साथ घर के बाहर बैठी थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे गांव का सलीम सिद्दीकी उसे अपने घर खींच ले गया और उसके साथ दुराचार किया था। आरोप है कि वह जब छूटकर घर पहुंची और मां से शिकायत करने लगी। इसी बीच पहुंचे आरोपी ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। जिला अस्पताल में भर्ती पीड़िता का पुलिस ने रात में ही मेडिकल परीक्षण कराया। गुरुवार की सुबह उसका एक्सरे हुआ। इस मामले में पीड़िता के पिता के बयानों से नया मोड़ आ गया है। जिला अस्पताल में पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी पुत्री के साथ आरोपी ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर गैंगरेप किया था। गुरुवार को जब किशोरी की हालत सामान्य हुई तो उसने बताया कि सलीम सिद्दीकी ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया था। सीओ निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि गैंगरेप होने की जानकारी पुलिस को नहीं है। पुलिस ने आरोपी सलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है।
जिला अस्पताल में मैने खुद पीड़िता और उसके पिता से बातचीत की थी। उस समय गैंगरेप की बात नहीं बताई गई। पीड़िता के पिता ने जो रात में तहरीर दी थी, उसमें भी गैंगरेप की बात नहीं है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
जवाहर, एसपी
मजिस्ट्रेट व पुलिस ने लिए बयान
सीओ निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि बुधवार की रात में ही मजिस्ट्रेट और पुलिस ने पीड़िता के बयान लिए थे, लेकिन पीड़िता ने उस समय सिर्फ सलीम सिद्दीकी पर रेप करने का आरोप लगाया था। गैंगरेप होने की बात नहीं कही थी। पीड़ित की हालत ठीक होने पर पुलिस उसके अदालत में बयान कराएगी। कोर्ट के बयानों में यदि वह गैंगरेप की बात कहेगी तो कोर्ट के आदेश के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
हालत में सुधार
जिला अस्पताल में भर्ती रेप पीड़िता के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। डॉक्टरों ने अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
गरीब की बेटी, पैसे वाले
का बेटा है आरोपी
रेप के बाद मिट्टी का तेल डालकर जलाई गई किशोरी काफी गरीब तबके की है, जबकि आरोपी के घर वाले पैसे वाले हैं। बताते हैं कि दबंग किस्म के होने के कारण आरोपी और उसके परिवार की गांव में धाक है। शायद यही वजह है कि ग्रामीण उनका विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाता। अमर उजाला ने गांव जाकर जब घटना की तहकीकात की तो गांव का माहौल भी कुछ यूं ही दिखा।
जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही पीड़िता तीन बहनों व दो भाइयों में बड़ी है। वह कक्षा छह तक पढ़ी है। उसके पिता के नाम एक बिसवा जमीन नहीं है। इंदिरा आवास तो मिला है, लेकिन गुजारा न होने पर उसके सामने खर-फूस की झोपड़ी डालकर गुजर बसर करते हैं। पीड़िता का पिता पीलीभीत शहर आकर मजदूरी करता है। हाड़तोड़ मेहनत के बाद शाम को दो जून की रोटी का इंतजाम कर परिवार का भरण पोषण करता है, जबकि आरोपी की स्थित इसके उलट है। आरोपी के परिवार की गिनती धनाढ्यों में है। गांव के लोग दबंग किस्म के होने के कारण उनसे डरते हैं। पीड़िता गरीब की बेटी है। शायद इसी वजह से ग्रामीण घटना के बाबत कुछ बोलने से कतराते हैं। चर्चा है कि आरोपी पक्ष धन और बल का उपयोग कर मेडिकल रिपोर्ट में छेड़छाड़ करने का प्रयास कर सकते हैं।
रोती हुई जाती देखी गई थी पीड़िता
आरोपी का मकान दो मंजिल है। निचले तल के कमरे और बरामदा खाली पड़ा रहता है। आरोपी और उसके परिवार वाले दूसरी मंजिल पर ही रहते हैं। आरोपी के परिवार की एक महिला ने कुदेरने पर बताया कि वह अपने दरवाजे पर खड़ी थी। इसी बीच पीड़िता रोते हुए आरोपी के मकान से निकली और अपने घर गई थी। उन्होंने बताया कि जब शोर हुआ तो वह भी पीड़िता के घर मौके पर पहुंची। उन्होंने आरोपी पर तेल डालकर आग लगाने की बात को गलत बताया।