बार्डर की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे एसएसबी के जवानों ने ग्रामीणों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया। नशे से होने वाले दुष्परिणामों को बारीकी से बताया गया। साथ ही बार्डर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई।
रविवार को एसएसबी की ओर से बार्डर से सटे गांवों में नशा उन्मूलन को लेकर जवानों ने बैठकें कीं, जिसमें गांव के लोगों को नशे से होने वाली हानियों के बारे में बताया गया। नौजला नकटा बीओपी चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर नुकुल राम ने जूनियर हाईस्कूल परिसर में गांव वालों संग मीटिंग की। उधर, रमनगरा के पब्लिक स्कूल में नगरिया कट प्रभारी अपूर्व सरकार ग्रामीणों के संपर्क में रहे। इस दौरान गांव वालों को नशा छोड़ने के लिए जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि नशे की लत सेहत के लिए नुकसानदायक तो है ही परिवार को भी तोड़ने का अहम कारण बनती है। सामाजिक दृष्टिकोण से भी नशा करने वाले व्यक्ति की छवि बिगड़ती है। ऐसे में खुद को और घरवालों को ससम्मान, बेहतर बनाने के लिए नशा छोड़ना जरूरी है। इस दौरान बार्डर क्षेत्र की संदिग्ध गतिविधियों की भी जानकारी एसएसबी तक पहुंचाने की अपील की गई। यह विश्वास दिलाया कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके बाद दोनों क्षेत्रों में स्कूली बच्चों के साथ मिलकर जागरूकता रैली निकली गई, जिसमें बच्चे नशा छोड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करते दिखाई दिए। क्षेत्र की महिलाओं ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर नौजला एसएसबी के एसआई राजवीर, मुरारीलाल, ग्राम प्रधान नंद गोपाल, अरूण भंडार, निखिल, लखन चौधरी, सुरेंद्र, प्रशांत साना, मिथिलेश पांडे, भूदेव दास, विष्णु मंडल आदि मौजूद रहे।
शहर में भी निकाली जागरूकता रैली
पीलीभीत। रविवार को शहर में एसएसबी की ओर से नशा उन्मूलन को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें एसएसबी जवानों के अलावा स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान नारे लगाते हुए बच्चों ने लोगों को नशा छोड़ने के लिए जागरूक किया। पंफलेट भी बांटे गए। रैली गांधी स्टेडियम से सुनगढ़ी, गैस चौराहा, मुख्य बाजार से शहर के प्रमुख मार्गों में होती हुई गांधी स्टेडियम पर पहुंचकर समाप्त हुई।