घर से शौच को निकलने युवक की निर्मन हत्या कर दी गई। गांव के निकट रपटुआ नदी किनारे वह मरणासन अवस्था में परिवार वालों को मिला था। परिवार वाले उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी कनपटी के पास गहरा घाव होने से पुलिस सहित सभी गोली मार हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त कर रहे थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी नुकीले हथियार से उसकी निर्मम हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बसारा निवासी महेश चंद्र शंखधार ने बताया कि उसका 30 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार रविवार शाम 7.30 बजे गांव के निकट बहने वाली रपटुआ नदी पर शौच को गया था। काफी देर तक वापस न आने पर घर वालों को चिंता हुई। इस बीच कुछ लोग गोली चलने की आवाज सुनकर नदी की ओर पहुंचे तो वहां सुनील को मरणासन अवस्था में पड़ा हुआ पाया। उसकी कनपटी के पास गहरा घाव था। जिससे खून निकल रहा था। गांव वालों की मदद से परिवार वाले उसे लेकर कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई और रात में की सीओ सुवेग सिंह सिद्धू के साथ घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद आसपास हमलावरों को खोजने का प्रयास किया। मृतक की कनपटी के पास गहरा घाव होने से पुलिस व परिवार वाले उसकी गोली मार कर हत्या की आशंका जता रहे थे। हालांकि कुछ लोग उसकी किसी अन्य हथियार से हत्या की आशंका भी व्यक्त कर रहे थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर सोमवार सुबह पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पत्नी से चल रहा है दहेज उत्पीड़न का मुकदमा
सुनील की शादी पांच साल पहले बरेली के नरियाबल गांव निवासी गुड्डी देवी से हुई थी। करीब एक साल पहले पति पत्नी में अनबन हो गई। तब से पत्नी गुड्डी पुत्र के साथ मायके में रह रही है। उसका सुनील से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी चल रहा है।
सवाल आखिर कहां से आई गोली की आवाज
सुनील के नदी किनारे जाने के कुछ देर बाद लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी और इसी आवाज पर लोग नदी की ओर पहुंचे थे। गोली की आवाज आने के कारण ही उसकी गोली मारकर हत्या की आशंका व्यक्त की गई थी, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगना आया ही नहीं है तो फिर आखिर गोली चलने की आवाज कहां से आई थी? क्या हत्यारों ने घटना को अंजाम देने के बाद फायरिंग कर गांव वालों का ध्यान घटना की ओर दिलाने को किया था अथवा उनका उद्देश्य कुछ और था। फायरिंग करने वाले कौन लोग थे? इस सवाल का जवाब भी पुलिस को खोजना होगा।
पुलिस कई मामलों पर कर रही जांच
शुरु में पुलिस सुनील की हत्या अथवा उसके द्वारा आत्महत्या किए जाने की दिशा में काम कर रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने अब अपनी जांच की दिशा बदल दी है। पुलिस अब हत्या के कारणों की तलाश में जुट गई है। इसमें पत्नी से अनबन के साथ ही गांव अथवा कहीं अन्य प्रेम प्रसंग या किसी और दुश्मनी के एंगिल पर भी जांच की जा रही है।
केपी सिंह यादव, प्रभारी कोतवाल
मृतक की दायीं और बाई दोनों कनपटी के पास नुकीले व धारदार हथियार से हमला किया गया है। दाईं ओर का घाव काफी गहरा है। सीधे सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। सिर में कहीं भी गोली नहीं मारी गई है।
डॉ. राजेश कुमार, चिकित्सक