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विरोधियों को फंसाने के लिए रची थी अपहरण की झूठी कहानी

Sun, 21 Feb 2016 11:43 PM IST
पीलीभीत।
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19 फरवरी को गांव गौनेरीबदी निवासी रिफाकत ने पुलिस लाइंस जाकर गांव के तीन लोगों के खिलाफ अपहरण करने का आरोप लगाया। इस दौरान उसकी मां मुन्नी बेगम और पिता शराफत मौजूद रहे। रिफाकत ने एसपी को बताया था कि 18 फरवरी को उसका छोटा भाई गुड्डू खेत पर गया था। जहां से उसके भाई को तीन लोग अगवा कर ले गए। थाने पर पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही भाई को बरामद करने का कोई प्रयास किया। एसपी ने एसओ को रिपोर्ट दर्ज कर अगवा युवक को बरामद करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्य और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस घटना को झूठी मान रही थी। एसओ दुर्गेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने परिवार के लोगों के कुछ नंबर सर्विलांस पर लगाए थे। शनिवार को परिवार के एक सदस्य ने गुड्डू के मोबाइल पर कॉल कर बात की। जिस पर उसकी लोकेशन आगरा में मिली। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात पुलिस आगरा पहुंची और कोल्ड स्टोरेज पर उसे पल्लेदारी करते हुए दबोच लिया। उन्होंने बताया कि गुड्डू इससे पहले भी आगरा में रहकर पल्लेदारी कर चुका है। बरामद गुड्डू ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह विरोधियों को सबक सिखाने और खुद पर दर्ज एक मुकदमें में वादी पर समझौता करने का दबाव बनाने के लिए अपहरण का ड्रामा किया था। पुलिस ने गुड्डू और उसके भाई रिफाकत के खिलाफ धोखाधड़ी व झूठी सूचना दर्ज कराने के तहत रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सोमवार को आरोपियों का चालान भेजेगी।
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पूर्व प्रधान पर भी हो सकती है कार्रवाई
गांव गौनेरीबदी में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद से गुटबंदी चल रही है। दोनों गुट एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए प्रयासरत हैं। एसओ दुर्गेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गुड्डू के अगवा होने के मामले में षडयंत्र रचने में एक पूर्व प्रधान की भूमिका भी प्रकाश में आ रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद पूर्व प्रधान समेत साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी।
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