तेज बारिश एक मजदूर का काल बन गई। सोते समय छप्पर गिर गया। जिसके मलबे में दबकर उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर सीओ जहानाबाद ने गांव पहुंचकर मुआयना किया। परिवारीजनों से जानकारी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के भौरियाई गांव का रहने वाला 50 वर्षीय रामप्रसाद मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। शनिवार रात को वह अपने छप्पर में सोने चला गया। उसकी पत्नी सौहद्रा एवं पांच बच्चे कच्चे मकान में सो रहे थे। रविवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे छप्पर अचानक भरभरा कर गिर गया। जिसके मलबे में दबकर रामप्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया। चीख पुकार सुनकर परिवारीजनों ने पड़ोसियों की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकाला। उसे सीएचसी लाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिवारीजन शव को घर ले आए। हादसे की सूचना मिलने पर सीओ जहानाबाद जगत राम जोशी, एसओ न्यूरिया दलवीर वर्मा पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। एसडीएम जेपी चौहान के निर्देश पर प्रभारी तहसीलदार राजीव निगम ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इसके बाद शव को पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दौरान जमा ग्रामीणों का प्रधान के प्रति भी गुस्सा सामने आया। गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से प्रधानी एक ही परिवार में होने के बाद भी गांव का विकास नहीं हो सका है। गांव के लोगों ने पक्के मकान बनवाए जाने की मांग की है। मृतक एक गरीब परिवार से था। उसके पांच बेटे जसवंत, नरेश, सुखलाल, सोहनलाल, भगवतसरन है। एक बेटे नरेश की शादी हो चुकी है जबकि चार अविवाहित हैं।
तालाब में डूबकर वृद्ध की मौत
न्यूरिया क्षेत्र में ही हुए एक अन्य हादसे में वृद्ध व्यापारी की मौत हो गई। कस्बे के मोहल्ला खब्बापुर निवासी 60 वर्षीय शफीक अहमद फल का ठेला लगाता था। रविवार सुबह वह अपने खेत पर जाने के लिए घर से निकला। खब्बापुर रेलवे क्रासिंग के पास स्थित तालाब के रास्ते खेत पर जा रहा था। इस बीच पैर फिसल जाने से वह तालाब में गिरकर डूब गया। काफी देर बाद राहगीरों ने तालाब में लाश देखी। इसकी सूचना पर काफी लोग जमा हो गए। परिवारीजन भी मौके पर आ गए। किसी तरह वृद्ध को बाहर निकालकर सीएचसी लाए। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर वालों ने बिना पुलिस कार्रवाई के ही उसे सुपुर्दे खाक कर दिया। मृतक के तीन बेटी और दो बेटे हैं।