दो महीने पहले एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोपी पूर्व प्डधान का 14 वर्षीय पुत्र आज भी बरेली के बाल सुधार गृह में बंद है, लेकिन घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच छींटाकशी के दौर नहीं थमें। किसी ने नहीं सोचा नहीं था कि आए दिन होने वाली छींटाकशी का परिणाम इतना गंभीर होगा। एक पक्ष दूसरे के खून के प्यासे हो जाएंगे और वहीं हुआ भी। एक परिवार के दो लोगों की जान चली गई। घटना से गांव के लोग थर्रा उठे हैं।
दो माह पहले पूर्वप्रधान नेवाराम जाटव के एक पुत्र ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को किशोर अदालत में पेश किया था। जहां से अदालत ने उसे बरेली किशोर सुधार गृह भेज दिया। कुछ दिन तक तो दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन बाद में हालात सामान्य हो गए थे, लेकिन किशोरी के घरवालों को घटना की कसक भरी रही। बताते हैं कि कुछ दिनों से घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच छींटाकशी शुरू हो गई थी। छींटाकशी ने आग में घी डालने का काम किया। नतीजतन धीरे-धीरे पीड़िता के परिवार का आक्रोश बढ़ता गया। हालात यहां तक पहुंचे कि वह खून की होली खेलने को भी तैयार हो गए। आरोपी किशोर के घर वाले तो क्या गांव के लोगों को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि किशोरी के परिवार के लोग बदला लेने की फिराक में हैं और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे डालेंगे। पूर्व प्रधान की पत्नी रामवती का कहना है कि छेड़छाड़ के आरोप में जब उनका बेटा जेल चला गया तो वह लोग पूरी तरह निडर थे। यह उम्मीद बिल्कुल नहीं थी कि वह लोग पूरे परिवार का सफाया करने का षडयंत्र रच रहे हैं। इस बात का यदि आभास होता तो देर सबेर न खेतों पर काम करने जाते और न ही इस तरह का कोई मौका उनके हाथ लगने देते।
इंजीनियर बनाने का टूटा सपना
दोहरे हत्याकांड में मारे गए पूर्व प्रधान नेवाराम के भाई ओमकार के पास दो एकड़ जमीन है। वह खेती-किसानी कर परिवार चलाता था। वह बेटे धर्मपाल को इंजीनियर बनाने का सपना संजोए था। खेती के कामों से खाली होने के बाद वह मेहनत मजदूरी भी सिर्फ इसलिए करता था कि बरेली के सिद्धि विनायक इंस्टीट्यूट में इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहे उसके पुत्र धर्मपाल को पैसों की कोई दिक्कत न हो। ओमकार के नौ बच्चों में छह बेटियां और तीन बेटे हैं। जिसमें से वह अभी केवल बड़ी गीता का ही विवाह कर पाया था। पति की मौत से पत्नी सीमादेवी का रो-रो कर बुरा हाल है। वह कहती हैं कि अब वह अपने बड़े बेटे धर्मपाल को कैसे इंजीनियर बना पाएगी।
राजू की मौत से उजड़ गया रूपा का सुहाग
दोहरे हत्याकांड में मारे गए राजू की पत्नी रूपा ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसका सुहाग इतनी जल्दी उजड़ जाएगा। चार वर्ष पूर्व जब वह ब्याह कर आई थी, तो वह भरापूरा परिवार देखकर खुश थी, लेकिन छेड़छाड़ की रंजिश ने उसका सुहाग हमेशा के लिए उजाड़ दिया। वह बिलखते हुए कह रही थी कि उसके पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था? जो विधाता ने इतनी बड़ी सजा दे दी। मृतक राजू के दो पुत्रियां तीन वर्षीय मुस्कान, एक वर्ष की लक्ष्मी है। राजू की मौत से दोनों मासूमों के सिर से पिता का साया भी उठ गया।
पांच भाइयों में सबसे बड़ा था राजू
मृतक राजू पांच भाईयों में सबसे बड़ा था। जबकि रामवीर, भूपेंद्र, विजेंद्र और जितिन अभी छोटे हैं। दो बहनों में अनीता की शादी हो सकी है। इस हादसे से पूर्व प्रधान का परिवार बिखर गया वहीं राजू का भी छोटा सा घरौंदा भी छिन्न भिन्न हो गया।
मृतकों को 10-10 लाख रूपये दिया जाए मुआवजा: फूलबाबू
बिलसंडा। सूबे के पूर्व राज्यमंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू ने गांव मीरपुर हीरपुर पहुंचे और घटना को लेकर परिवार वालों से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने घटना को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए इसे पुलिस की लापरवाही करार दिया। पूर्व मंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रूपये मुआवजा दिए जाने और घायल पूर्व प्रधान नेवाराम का सरकारी खर्चे पर बेहतर इलाज कराने की मांग की। फूलबाबू ने मौके पर मौजूद पूरनपुर सीओ राजेश्वर सिंह, एसओ राजेश यादव से घटना की निष्पक्ष विवेचना कर हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने को कहा। इसि मौके पर नगर पंचायत चेयरमैन अटल सिंह जायसवाल, एम रेहान, मुन्नालाल कश्यप सहित अन्य कई लोग मौजूद थे। उधर वार्ड 34 से जिला पंचायत सदस्य पद की प्रमुख दावेदार निशा यादव के पति महेश यादव ने भी गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया।
पुलिस की बूटों की धमक से गांव में पसरा सन्नाटा
दोहरे हत्याकांड के बाद से गांव मीरपुर हीरपुर में तना व्याप्त हो गया है। तनाव को देखते हुए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिस के बूटों की धमक से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का-दुक्का लोग ही सड़कों पर आते-जाते दिखाई पड़ रहे हैं।
गांव में जाटव और पासी जाति के लोगों के अधिक परिवार हैं। दोनों के बीच गुटबाजी काफी लंबे समय से चली आ रही है। खून का बदला खून को लेकर कहीं दोबारा कोई ऐसी वारदात न हो। इसको लेकर पुलिस प्रशासन खासा सतर्क है। गुरुवार की रात से शुक्रवार की दोपहर बाद तक गांव में पुलिस के बूटों की धमक रही। तनाव और गुटबाजी को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस चौकी करेली के दरोगा वेदराम सिपाहियों के साथ बृहस्पतिवार की रात से ही गांव में डेरा जमाए हुए हैं। उधर ग्रामीणों में जहां घटना को लेकर दहशत है वहीं आक्रोश भी है। एसओ राजेश यादव ने बताया कि वैसे तो गांव में घटना को लेकर कोई तनाव नहीं है, लेकिन ऐतिहातन फोर्स तैनात की गई है।
घटना के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस
गांव मीरपुर हीरपुर में हुए दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद भी करेली चौकी पुलिस हरकत में नहीं आई। घायल पूर्व प्रधान नेवाराम की पत्नी रामवती ने बताया कि पति को टेंपो से लेकर वह पहले चौकी पहुंची, लेकिन वहां पर ताला पड़ा हुआ था। चौकी पर मौजूद चौकीदार ने पति को थाने ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद वह थाने पहुंची। सूचना के दो घंटे बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस घटना स्थल पर आने में देर न करती तो घेराबंदी कर हत्यारों को रात में ही पकड़ा जा सकता था। पूर्व प्रधान के घर वाले राजू को अगवा करके ले जाने की बात कह रहे थे, लेकिन पुलिस ने रात में उसकी तलाश करने की जरूरत नहीं समझी। पुलिस चौकी करेली के दरोगा वेदराम का कहना है कि वह सिपाहियों के साथ घटना के वक्त बिलासपुर में थे। जिस कारण मौके पर पहुंचने में देरी हुई।
पांच नामजद हत्यारोपियों में तीन गिरफ्तार
पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में नामजद पांच हत्यारोपियों में तीन को गिरफ्तार कर लिया है। एसओ राजेश यादव ने बताया कि पुलिस ने सत्यपाल, अमरपाल और वीरपाल को गिरफ्तार कर लिया है। हवालात में बंद तीनों हत्यारोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। आरोपियों का कहना है कि छेड़छाड़ को लेकर दर्ज मामले की रंजिश में उन्हें झूठा फंसाया गया है। जिस वक्त घटना हुई उस समय भी वह घर पर मौजूद थे और जब पुलिस पहुंची तब भी वे लोग घर पर ही मिले।
पुलिस पर लगाया मिलीभगत का आरोप
पूर्व प्रधान की पत्नी रामवती का कहना है कि हत्यारोपी पुलिस से मिले थे। इसी वजह से पुलिस मौके पर सूचना के दो घंटे बाद पहुंची। हत्यारोपी उन्हें कई दिनों से धमकियां भी दे रहे थे। जिसकी शिकायत चौकी पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना के बाद से भयभीत है सीमा
दोहरे हत्याकांड में मारे गए ओमकार की पत्नी सीमादेवी भयभीत हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, उन्हीं लोगों ने उसके पति और भतीजे राजू की हत्या की है। पुलिस शुरू से ही मामले को घुमाने की कोशिश कर रही थी। उसने परिवार के अन्य लोगों की हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
नेवाराम ने हत्यारोपियों को था पहचाना
मृतक ओमकार के पुत्र धर्मपाल ने बताया कि ताऊ नेवाराम घायलावस्था में जिस समय जान बचाकर घर आए थे, उस समय वह होश में थे। उन्होंने ही आरोपियों के नाम बताए थे। जिसकी वजह से उन्हीं लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मृतकों के घरवालों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। छेड़छाड़ को लेकर दर्ज मुकदमे की रंजिश में घटना होना प्रकाश में आई है। पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है। घटना में जो लोग संलिप्त होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
राजेश यादव एसओ बिलसंडा