जिले में खाकी की मानवीय संवदेनाएं भी समाप्त होती दिख रहीं हैं। हादसे में मारे गए दोनों घायलों को भर्ती कराकर युवक के शव को हजारा पुलिस खीरी जिले के संपूर्णानगर स्थित सरकारी अस्पताल के बाहर डालकर भाग आई। जिस कारण शव पूरे दिन अस्पताल के बाहर पड़ा रहा।
थाना क्षेत्र में वमनपुर भागीरथ के पास एक पुलिया बन रही है। शनिवार की सांय पूरनपुर कोतवाली के गांव औरैया खाता निवासी कतन्नी लाल उर्फ कृपाल पूरनपुर क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे से ट्रैक्टर ट्रॉली में ईंट भरकर पुलिया पर लाया था। रविवार की सुबह वापस जाते समय सुबह करीब 10.30 बजे ट्रैक्टर हजारा थाना क्षेत्र में सिद्धनगर मार्ग पर रपटा पुलिया के निकट अनियंत्रित होकर खाई में जा घुसा। हादसे में ट्रैक्टर पर सवार उसका भाई 28 वर्षीय संजय चौहान, गांव का ही गुडीराम उर्फ अजयपाल यादव और छत्रपाल यादव नीचे गिर गए। ट्रैक्टर का पहिया सिर से निकलने से संजय चौहान की मौके पर ही कुचलकर मौत हो गई, जबकि दोनों युवक घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची हजारा पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर थाना पर खड़ा कर लिया और घायलों व शव को आनन-फानन में लेकर संपूर्णानगर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंची। जहां घायलों को भर्ती कराकर पुलिस शव अस्पताल के बाहर डाल दिया और वापस लौट आई। पूरे दिन पुलिस कार्रवाई से बचती रही। एसपी की फटकार के बाद शाम को पुलिस ने मृतक की पत्नी सत्यवती की ओर से इत्तेफाकिया घटना दर्ज की और सांय करीब साढ़े छह बजे अस्पताल पहुंचकर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घटना स्थल को लेकर नौ घंटे पड़ा रहा शव
पीड़ित परिवार के प्रति हजारा पुलिस ने मानवीय संवेदनाएं तार-तार कर दी। सूचना पर मृतक के परिवार वाले जब थाना हजारा पहुंचे और वहां एसओ से जब पोस्टमार्टम कराने को कहा तो एसओ ने सभी कार्रवाई थाना संपूर्णानगर से होने की बात कहते हुए पीड़ित परिवार को लौटा दिया। मृतक की मां सुखदेवी और पत्नी सत्यवती अस्पताल के बाहर लावारिश पड़े शव पर विलखती रही। पिता लालाराम थाना संपूर्णानगर और हजारा के बीच चक्कर काटता रहा, लेकिन हजारा पुलिस की मानवीय संवेदनाएं नहीं जागी। मृतक के पिता की माने को पुलिस उल्टे ही ट्रैक्टर स्वामी को बुलाकर समझौता करने का दबाव बनाने लगी। इससे शव करीब नौ घंटे अस्पताल में पड़ा रहा।
एसपी ने फटकारा तो शव का भरा पंचनामा
अमर उजाला ने जब इस बावत एसपी जवाहर से बात की तो उन्होंने एसओ को जमकर फटकार लगाई। एसपी की फटकार के बाद चेते एसओ ने दरोगा राकेश बाबू सक्सेना को सांय करीब छह बजे संपूर्णानगर भेजा। मौके पर पहुंचे दरोगा ने शव का पंचनामा भरकर उसे पीलीभीत मुख्यालय भेजा है।
अस्पताल से दो बार भेजा गया मेमो
संपूर्णानगर सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एक पांडेय ने बताया कि हजारा पुलिस के शव छोड़कर जाने पर उन्होंने संपूर्णानगर पुलिस को मेमो भेजा था, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जिस पर उन्होंने दोपहर करीब दो बजे दोबारा भी मेमो भेजा, लेकिन पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
परिवार वाले शाम को थाने पर आए थे। घटना इत्तेफाकिया दर्ज की गई है। रिपोर्ट लिखने के बाद दरोगा को पंचनामा भरने के लिए अस्पताल भेजा गया है। परिवार वालों के न आने के कारण पंचनामे की कार्रवाई समय से नहीं हो सकी।
वीके मिश्रा, एसओ हजारा
मैं क्राइम मीटिंग में हूं। हजारा पुलिस अस्पताल पर शव डाल आई थी। जानकारी होने पर एसपी खीरी को भी बता दिया है। मेमो थाने पर गया या नहीं? इस बावत मैं अभी कुछ नहीं बता सकता हूं।
सुनील कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना संपूर्णानगर, खीरी