शुक्रवार को दोषी ठहराए जाने के बाद कोर्ट मोहर्रिर की अभिरक्षा से फरार हुए आरोपी बालिस्टर को पुलिस नहीं ढूंढ सकी। अपर सत्र न्यायाधीश शिवमणि शुक्ला ने उसके घर की कुर्की का नोटिस और गैर जमानती वारंट जारी कर एसपी को भेजा है। अगली सुनवाई 28 जुलाई को होनी है।
गांव आमडंडा निवासी मलखान ने दियोरिया कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके अनुसार 25 जून 2011 को आठ बजे शाम उसका फुफेरा भाई बालिस्टर उसके घर आया और गाली देते हुए अपने हिस्से की जमीन मांगी। मना करने पर जान से मारने की नीयत से फायर कर उसकी पत्नी नन्हीं देवी व ताई रामबेटी को चोट पहुंचाई। शोर पर ग्रामीण आ गए इस पर आरोपी तमंचा लहराते हुए भाग गया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश शिवमणि शुक्ल ने बालिस्टर को धारा 307, 504 व 506 आईपीसी में दोषी ठहराया। उसे दोषी ठहराने के बाद कोर्ट मोर्हिरर चंद्रसेन की अभिरक्षा में दिया गया। जहां से वह भाग गया। इस मामले में कोर्ट मोहर्रिर चंद्रसेन पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है। दियोरिया पुलिस उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने में नाकाम रही है। न्यायालय ने एसपी को आदेश दिया है कि बालिस्टर को गिरफ्तार कर 28 जुलाई तक कोर्ट में पेश करें। सहायक शासकीय अधिवक्ता काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने बताया कि आरोपी का कुर्की उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया गया है। फरार रहने पर बालिस्ट की संपत्ति भी कुर्क करने का आदेश न्यायालय जारी करेगा।