बारावफात को लेकर हुए बवाल के बाद शहर में शुक्रवार को भी तनाव रहा। जुमे की नमाज के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। दोपहर को कड़ी सुरक्षा के बीच शहर की मस्जिदों में नमाज अदा की गई। उधर, अल्लाहू मियां की मस्जिद में दहशत के चलते 40 फीसदी ही नमाजी नमाज अदा करने पहुंचे। मस्जिद के रास्ते व आसपास जुटे भारी पुलिस को लेकर लोगों में गुस्सा देखा गया। गिरफ्तारी आदि के भय से कई घरों के लोग मोहल्ला मोहम्मद वासिल व उसके आसपास मोहल्लों के कई घरों के लोग घर छोड़ रिश्तेदारी में पनाह लिए हुए हैं।
बुधवार की रात बारह रबी उल अव्वल का जुलूस निकालने की कोशिश के दौरान अल्लाहू मियां की दरगाह से ताल्लुक रखने वाले मौलाना हसनमियां कदीरी व उनके समर्थकों के बीच पुलिस से हुई भिड़ंत के बाद दूसरे दिन भी शहर में तनाव का माहौल रहा। अल्लाहू मियां की दरगाह व मोहल्ला मोहम्मद वासिल के लगभग सभी मार्गों पर भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे। जुमे की नमाज के चलते शहर की लगभग सभी मस्जिदों पर थोड़े बहुत पुलिसकर्मी मौजूद रहे, लेकिन अल्लाहू मियां के दरगाह वाली मस्जिद के लगभग सभी मार्गों व आसपास मोहल्लों में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। नमाज अदा कर वापस लौटे लोगों ने इस पर खासा ऐतराज भी जताया। नमाजियों की संख्या भी हर शुक्रवार से 40 फीसदी ही रही।
मोहल्ले वालों का कहना था कि तमाम लोग दहशत के चलते दूसरी मस्जिदों में नमाज अदा करने चले गए। मोहल्ले के लोगों के बताया कि पुलिस ने दहशत फैलाने के लिए कई लोगों के घर के दरवाजे रात को खटखटाए। पुलिस कब किसे उठा ले जाए इस दहशत के चलते कई घरों के पुरुष घर छोड़ रिश्तेदारी में पनाह लिए हुए हैं।