-बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया फरमान, दो दिन का अल्टीमेटम
-जिले में बगैर मान्यता 259 स्कूलों का हो रहा है संचालन
बिना मान्यता के स्कूल संचालित करना अब संचालकों के लिए भारी पड़ सकता है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इन बगैर मान्यता वाले स्कूलों का संचालन करने पर एक लाख रुपए तक जुर्माना वसूलने के आदेश जारी किए हैं। यदि फिर भी स्कूल बंद नहीं किया गया तो उस पर रोजाना 10 हजार रुपए तक वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
आरटीई यानी निशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद जिले में कई ऐसेे स्कूल और कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं, जो बिना मान्यता के और गैर मानकों के चल रहे हैं। इन स्कूल, कॉलेजों को हर साल नोटिस देकर चेताया जाता रहा है, लेकिन इसके आगे कोई कार्रवाई न होने पर स्कूल बंद नहीं हो पाते हैं। इसको गंभीरता से लेकर डीएम शीतल वर्मा ने जुलाई में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश बीएसए को दिए थे। इसके बाद बेसिक शिक्षा महकमे की ओर से सर्वे करके जिले में बिना मान्यता के 259 स्कूल चिह्नित किए गए। इनकी सूची जिला प्रशासन को मुहैय्या कराई थी। इस पर डीएम शीतल वर्मा ने इन सभी स्कूलों को 31 जुलाई तक मान्यता लेने और निर्धारित तिथि तक मान्यता न लेने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ समय बाद मामला फाइलों में सिमट कर रह गया। नतीजतन, जिले में बिना मान्यता के सैकड़ों स्कूल संचालित हो रहे हैं।
अब शासन ने बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। इसको लेकर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित पाया जाए तो उसके संचालक पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया जाए। यदि फिर भी स्कूल बंद नहीं किया गया तो उस पर रोजाना 10 हजार रुपए तक जुर्माना की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बीएसए को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेश के बाद बीएसए ने बगैर मान्यता वाले स्कूल संचालकों को दो दिन में स्कूल बंद करने के निर्देश दिए हैं। चेताया है कि स्कूल संचालित पाए जाने पर एक लाख रुपए तक जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को बिना मान्यता वाले स्कूलों में न भेजने की अपील की है।