ठगी की शिकायत लेकर आए पीड़ित को कोतवाली से अभद्रता कर भगाने के मामले में एसपी ने शहर कोतवाल को सख्त हिदायत दी थी, लेकिन इसका खासा असर नहीं हो सका। दूसरे दिन भी कोतवाली पुलिस मुकदमा दर्ज कराने को लेकर पीड़ित से चक्कर लगवाती रही। फोन पर जानकारी करने पर कोतवाल ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आवास विकास कालोनी निवासी खुशबू अयाज पुत्री अयाज अहमद खां के खाते से जालसाज ने बृहस्पतिवार को एटीएम कोड जानकर 28 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसकी शिकायत लेकर पीड़िता अपने भाई मोनिस इस्लाम और मां जीनत जहां के साथ कोतवाली पहुंची थी। जहां कोतवाल देशपाल सिंह ने कार्रवाई न करने की बात कहकर उनको भगा दिया था। इसकी शिकायत मिलने पर एसपी ने कोतवाल को तलब कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसपी देवरंजन वर्मा की सख्त चेतावनी के बाद भी कोतवाली पुलिस के तेवर जस के तस रहे। पीड़ित खुशबू अयाज के भाई मोनिस ने बताया कि उनकी एफआईआर को लेकर कोतवाली पुलिस स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है। शुक्रवार को वह कई बार एफआईआर दर्ज होने की जानकारी करने कोतवाली गए, लेकिन हर बार पुलिस ने शाम को आने की बात कहकर टाल दिया। सीयूजी पर कॉल करने पर कोतवाल ने मुकदमा दर्ज होने की बताई, लेकिन मुकदमे की कॉपी बाद में मिलने की बात कहकर फोन काट दिया। जिसकारण पुलिस की कार्रवाई स्पष्ट नहीं हो पा रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, फिर एफआईआर की कॉपी देने में चक्कर क्यों लगवाए जा रहे है? कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। इधर सीओ सिटी अनुराग दर्शन का कहना है कि मामले को लेकर कोतवाली पुलिस से जानकारी की जाएगी। अगर टालमटोल की जा रही है, तो गलत है। पीड़ित को मुकदमा दर्ज कराकर उसकी कॉपी मुहैया कराई जाएगी।