अधिवक्ताओं की हड़ताल के बाद कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता के भाई की मौत के मामले की रिपोर्ट शुक्रवार को दर्ज कर ली है। मोहल्ला पटेलनगर निवासी राममूर्ति देवी ने बताया कि 19 अप्रैल को उनके पुत्र उमेश सिंह ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्म हत्या कर ली थी। राममूर्ति देवी ने 20 अप्रैल को कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ससुरालियों के उकसाने पर उमेश ने आत्म हत्या की है। तहरीर में उकसाने वाले लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। मृृतक उमेश के अधिवक्ता भाई सुदेश सिंह ने इस मामले को बार एसोसिएशन की बैठक में उठाया था। अधिवक्ताओं ने इसी मामले को लेकर पुलिस के विरोध में 26 और 27 अपै्रल को हड़ताल भी रखी थी। अधिवक्ताओं ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी थी कि यदि रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो पुलिस के विरोध में बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। एसडीएम बीपी सिंह ने सीओ हरीश भदौरिया और कोतवाल एसके सिंह को फोन पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि राममूर्ति देवी की तहरीर पर शुक्रवार को आत्म हत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट में नगर के मोहल्ला गांधीनगर में रह रही मृतक की पत्नी रेनू देवी, ससुर बुधपाल सिंह, साले जोगेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह और सास धूमवती को नामजद किया गया है।