सपा नेता एवं पूर्व जिपं सदस्य मोहम्मद मियां उर्फ छोटे ने इमाम संगठन के अध्यक्ष और रजा मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद जकी खां से कथित तौर पर अभद्रता की और उन्हें धमकाया। घटना के विरोध में कई उलमा के साथ कोतवाली पहुंचे लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इंस्पेक्टर शक्ति सिंह का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उलमा और अन्य लोगों के साथ कोतवाली पहुंचे नगर की रजा मस्जिद के इमाम और तंजीम ए आइम-ए-मसाजिद के सदर हाफिज मोहम्मद जकी खां ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि शुक्रवार को नमाज पढ़ाने के बाद वह मस्जिद में बैठे थे, इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद मियां ने मस्जिद मेें पहुंचकर तकरीर की बात को लेकर गाली-गलौज कर अभद्रता की और जान से मारने की धमकी देकर मारपीट पर आमादा हो गए। मस्जिद में मौजूद कुछ लोगों ने उनको बचाया। आरोप है कि इस दौरान पूर्व जिपं सदस्य और उनके बेटे दानिश ने भी मस्जिद में नमाज पढ़ाने पर जान से मारने की धमकी दी। उलमा से अभद्रता के आरोप पर लोगों ने रोष जताया और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इमाम के साथ कोतवाली पहुंचने वालों मेें मौलाना फजले अहमद नूरी, मौलाना आमिर, मौलाना साजिद हसनी, हाफिज सलीम, हाफिज जाकिर, हाफिज सरताज, हाफिज कमर महबूब, हाफिज अशफाक, हाफिज मकसूद, हाफिज इरफान, हाफिज मुश्ताक, हाफिज साबिर, हाफिज अशफाक, मौलाना जावेद, हाफिज नाजिम आदि थे।
कोतवाली आए इमाम मोहम्मद जकी खां ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद मियां और उनके बेटे पर अभद्रता और धमकाने का आरोप लगाया है। इमाम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।
- शक्ति सिंह, इंस्पेक्टर
यह है पूरा मामला
पूरनपुर। मौलाना फजले अहमद नूरी ने बताया कि 11वीं शरीफ पर नगर में जुलूस निकाला जाता है। जुलूस को लेकर नेतागीरी न हो। इसको लेकर नेताओें द्वारा झंडी दिखाने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया गया था। पिछले साल जामा मस्जिद के इमाम सलीम ने झंडी दिखाई थी। तब पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने इमाम सलीम के हाथ से झंडी ले ली थी। इस बार झंडी दिखाने की प्रथा को कतई बंद कर दिया गया। मौलाना का आरोप है कि इस बार पूर्व जिला पंचायत सदस्य झंडी लेकर स्वयं पहुंचे थे। तब उनको झंडी दिखाने को मना किया गया था। इसको लेकर वे झंडी हाथ में फोल्ड कर पकड़े रहे थे। मौलाना का आरोप है कि झंडी प्रथा बंद करने से पूर्व जिपं सदस्य क्षुब्ध थे और रजा मस्जिद के इमाम को मस्जिद में होने वाली तकरीर में उनको (मौलाना फजले अहमद) को तकरीर न करने देने की धमकी दी।
अभद्रता का आरोप गलत
मैं इमाम और इस्लाम का सम्मान करता हूं। कुछ इमाम नेतागीरी कर धरना-प्रदर्शन करते हैं। मस्जिद के रुपयों को लेकर गड़बड़ी पर जो बोलता है उसे यह लोग बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। मस्जिद में कोई तकरीर करे, कोई नमाज पढ़ाए, नेतागीरी की बात न हो। यह कहा था। इस पर इमाम ने गिरहवान पकड़कर मुझसे अभद्रता की है।
- मोहम्मद मियां उर्फ छोटे, पूर्व जिपं सदस्य