हाथ पर लिखा बहन का नाम न मिटाने से नाराज युवती के भाई ने उसके प्रेमी को दो साथियों के साथ बाइक से अगवा कर लिया और पिटाई करने के बाद उसे देवहा नदी में फेंक दिया। गनीमत यह रही की वह तैरना जानता था। उसने किसी तरह अपनी जान बचाई। युवक ने पहले सुनगढ़ी पुलिस को मामले की तहरीर दी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
शहर की कांशीराम कॉलोनी निवासी युवती और शहर से सटे एक गांव के युवक में काफी समय से प्रेम संबंध थे। दोनों एक ही समुदाय और बिरादरी के हैं। युवक पर इश्क का भूत इस कदर सवार था कि उसने अपने हाथ पर लड़की का नाम लिखवा लिया। प्रेम संबंधों की जानकारी जब लड़की के परिवार वालों को हुई तो उन्होंने दो महीने पहले युवती की शादी कर दी। शादी के बाद युवती के भाई को पता चला कि उसके प्रेमी ने उसकी बहन का नाम अपने हाथ पर लिखवा रखा है। इस पर उसने नाम मिटाने को कहा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इससे गुस्साए युवती के भाई ने सोमवार की शाम करीब चार बजे अपने दो अन्य साथियों के साथ उसे ईदगाह रेलवे क्रासिंग के पास से जबरन बाइक पर बैठा लिया और उसकी पिटाई की। बाद में देवहा नदी में ले जाकर डाल दिया। युवक ने बताया कि जब उसने तैरकर बाहर निकलने की कोशिश की तो उस पर ढेले चलाए। इस पर वह डुबकी मारकर कूछ दूर आगे पहुंचा और अपनी जान बचाई। युवक ने परिवार वालों के साथ थाना सुनगढ़ी पुलिस को तहरीर दी। पुलिस कार्रवाई करती इससे पहले दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास शुरू हो गए। करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद दोनों पक्षों तमें समझौता हो गया। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता होे गया है। वादी ने कार्रवाई से इंकार किया है।