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शाहगढ़ में दो समुदायों में बवाल, फायरिंग में छह घायल

Fri, 24 Jul 2015 11:23 PM IST
Purnpur
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गांव शाहगढ़ में जुमे की नमाज पढ़ने को लेकर पुलिस की मौजूदगी में दो समुदाय के लोग भिड़ गए। लाठी, डंडे चले और पथराव, फायरिंग हुई। सूचना पर अफसर भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन एक समुदाय के आक्रोषित लोग दूसरे समुदाय के लोगों पर हमलावर होते गए। पुलिस ने बीच बचाव किया तो एक समुदाय के लोग पुलिस से भिड़ गए। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पीएसी बुलाई गई। पुलिस को रबर बुलेट का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना में छह ग्रामीण व दो पुलिस वाले घायल हो गए। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। एसपी जेके शाही भारी फोर्स के साथ गांव में ही कैंप किए हुए हैं। एसओ माधोटांडा की ओर से पुलिस ने ग्रामीणों पर बलवे व पुलिस पर हमले का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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करीब दो हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में एक समुदाय के तीन सौ लोग रहते हैं और इस समुदाय के लोगों का गांव में एक मदरसा भी हैं। शेष आबादी दूसरे समुदाय के लोगों की हैं। मदरसे में नमाज को लेकर ईद वाले दिन से ही गांव के दोनों समुदायों में कुछ विवाद चला आ रहा था। जुमे की नमाज के दौरान किसी तरह का कोई विवाद न हो इसके लिए वहां एसओ माधोटांडा राजेंद्र सिंह टीम के साथ गांव में अपरान्ह बारह बजे ही पहुंच गए थे। बताया जाता है कि गांव के पूर्बी छोर पर एक चबूतरे के पास एकत्र दूसरे समुदाय के लोगों ने दूसरे समुदाय के लोगों पर नई परंपरा डालने का आरोप लगाते हुए उसे किसी कीमत पर पूरा न होने देने की बात कही। स्थिति बिगड़ने की आशंका से एएसपी व एसडीएम भी फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। दूसरे समुदाय के लोगों से बात करने को अफसर मदरसा के समीप बढ़े। बताया जाता है कि इसी बीच पीछे से एकत्र भीड़ भी वहां पहुंच गई तथा मदरसे में एकत्र लोगों पर पथराव करना शुरू कर दिया। यह देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। करीब आधा घंटे तक पुलिस ने उप्रदवियों को समझाने की कोशिश की, फिर लाठियां फटकारते व रबर बुलेट का प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ना शुरू किया। फायरिंग व पथराव की इस घटना में आधा दर्जन ग्रामीण जहां घायल हुए वहीं कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए लोगों के घरों में घुस कर महिलाओं व बच्चों को भी पीटा व तोडफ़ोड़ की है। घटना के बाद से एक समुदाय के परिवार की अधिकांश महिलाएं गांव से पलायन कर गई हैं वहीं पुलिस कार्रवाई के भय से दूसरे समुदाय के लोग भी घर छोड़ कहीं चले गए हैं। जिसके चलते गांव में सन्नाटा सा पसर गया है। फायरिंग में छर्रे लगने से गांव निवासी राजेश (20), रामलाल (30), रमाकांत (30), राजाराम (50), वीरेंद्र (23) व बाबूराम (50) घायल हुए हैं। कांस्टेबिल भुवनेश गौतम समेत दो पुलिस वाले भी घायल हुए हैं।  

नई परंपरा की बात कह विरोध करने वाले लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। इस पर वह पहले समुदाय विशेष के लोगों से भिड़े़ जब पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो वह पुलिस पर ही हमलावर हो गए। पथराव व फायरिंग हुई है, लेकिन पुलिस पुलिस ने कोई फायरिंग नहीं की। रबर बुलेट इस्तमाल किया गया है। गोली लगने से एक ग्रामीण के मामूली रूप से घायल होने की सूचना है। दो पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।
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जेके शाही, एसपी, पीलीभीत

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