नगर में चल रहे एक प्राइवेट स्कूल के संचालक और बमरौली में चल रहे एक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ एक परीक्षार्थिनी का फर्जी प्रवेश पत्र बनाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार देर सायं रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव रौतापुर निवासी नरेंद्र गुप्ता की पुत्री गुंजन गुप्ता ने शैक्षिक सत्र 2014-15 में नगर के उमादेवी पब्लिक स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश लिया था। उनके पूछने पर स्कूल के संचालक नीरज गुप्ता ने बताया कि उनका स्कूल बमरौली स्थित आपीएमपी इंटर कालेज से संबद्ध है। शासन से मान्यता प्राप्त भी है। वर्ष 2016 की हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने के लिए जब गुंजन ने स्कूल संचालक नीरज गुप्ता से प्रवेश पत्र मांगा तो उन्होंने परीक्षा से एक दिन पहले 17 फरवरी, 2016 को बमरौली के इंटर कॉलेज में ले जाकर वहां के प्रधानाचार्य से प्रवेश पत्र दिलवा दिया था। उस पर छात्रा गुंजन गुप्ता का फोटो लगा था, लेकिन उसके नाम के स्थान पर वंदना देवी पुत्री रामचंद्र और रीना देवी अंकित था। जन्मतिथि भी भिन्न थी। प्रवेश पत्र पर अनुक्रमांक नंबर 1101498 दर्ज था। प्रवेश पत्र देख कर जब उन्होंने नीरज गुप्ता से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि तुम परीक्षा दो। बाद में सब ठीक करा देंगे। गुंजन और उनके पिता ने इस धोखाधड़ी की शिकायत परीक्षा प्रारंभ होने पर जिलाधिकारी से की तो उन्होंने उक्त प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दे दिए। जांच में मामला सही पाए जाने पर बमरौली के प्रधानाचार्य को तत्काल परीक्षा से डिबार कर दिया गया और कॉलेज के प्रबंधक को उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया गया लेकिन प्रबंधक ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। इस पर गुंजन के पिता ने कोर्ट में वाद दायर कर दिया। कोर्ट के आदेश पर स्कूल संचालक नीरज गुप्ता और प्रधानाचार्य सुधीर कुमार के खिलाफ शुक्रवार देर शाम बिलसंडा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।